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Budget 2022: भारत में अंग्रेजों वाली परंपरा, जबकि इन देशों में चांद और सूरज की चाल तय करती है वित्त वर्ष

इन दिनों सरकार आगामी वित्त वर्ष के आम बजट 2022-23 की तैयारियों में व्यस्त है, क्योंकि देश में 1 अप्रैल को नया वित्त वर्ष शुरू होने से पहले ये काम पूरा कर लिया जाता है. भारत में वित्त वर्ष की परंपरा अंग्रेज लेकर आए, लेकिन भारत के दो पड़ोसी मुल्क ऐसे हैं जहां कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि चांद और सूरज की चाल तय करती है कि वित्त वर्ष कब से कब तक होगा...

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150 साल से अप्रैल से वित्त वर्ष मानने की परंपरा (File Photo :PTI) 150 साल से अप्रैल से वित्त वर्ष मानने की परंपरा (File Photo :PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पाकिस्तान में जुलाई से होती है वित्त वर्ष की शुरुआत
  • चीन ग्रेगेरियन कैलेंडर को मानता है फाइनेंशियल इयर

इन दिनों सरकार आगामी वित्त वर्ष के आम बजट 2022-23 की तैयारियों में व्यस्त है, क्योंकि देश में 1 अप्रैल को नया वित्त वर्ष शुरू होने से पहले ये काम पूरा कर लिया जाता है. भारत में वित्त वर्ष की परंपरा अंग्रेज लेकर आए, लेकिन भारत के दो पड़ोसी मुल्क ऐसे हैं जहां कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि चांद और सूरज की चाल तय करती है कि वित्त वर्ष कब से कब तक होगा...

अंग्रेजों की 150 साल पुरानी परंपरा
अंग्रेजों के जमाने से ही भारतीय अर्थव्यवस्था में वित्त वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है. आजादी के बाद भी भारत सरकार ने इसे बनाए रखा. लगभग 150 साल से भारत इसी वित्त वर्ष का पालन कर रहा है. हालांकि देश में बजट पेश करने की तारीख और समय में कई बार बदलाव हो चुका है. अब देश में 1 फरवरी को बजट पेश किया जाता है.

पाकिस्तान में जुलाई से होती है शुरुआत
भारत के साथ आज़ाद होने वाले पड़ोसी देश पाकिस्तान में नया वित्त वर्ष 1 जुलाई से शुरू होकर 30 जून तक होता है. पाकिस्तान से 1971 में अलग होकर बना बांग्लादेश भी इसी समय को अपना वित्त वर्ष मानता है. हालांकि रोचक बात ये है कि भारत में भारतीय रिजर्व बैंक भी जुलाई-जून की अवधि का वित्त वर्ष मानता है.

चांद-सूरज तय करते हैं वित्त-वर्ष
लगभग 82% हिंदू आबादी वाला देश नेपाल अपने वित्त वर्ष की शुरुआत हिंदू कैलेंडर यानी विक्रम संवत के हिसाब से करता है. देश का वित्त वर्ष श्रावण मास की प्रथमा से शुरू होकर आषाढ़ मास के आखिरी दिन तक होता है. इस तरह अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से उसका वित्त वर्ष जुलाई के मध्य में शुरू होता है. विक्रम संवत में महीने का निर्धारण चांद और सूरज की चाल पर तय होता है.

इसी तरह भारत के पड़ोसी मुल्क अफ़गानिस्तान में भी वित्त वर्ष भी कैलेंडर की तारीख नहीं हिजरी कैलेंडर तय करता है. आम तौर पर हिजरी कैलेंडर चांद की चाल से बनता है, लेकिन अफगानिस्तान में ये सोलर हिजरी कैलैंडर के हिसाब से तय होता है. इसे ईरानी हिजरी कैलेंडर भी कहा जाता है.  यह अमूमन 20-21 मार्च को शुरू होता है.  

भारत के दो छोटे पड़ोसी मुल्क मालदीव और भूटान की अर्थव्यवस्था बहुत बड़ी नहीं है. दोनों ही देश मुख्यत: पर्यटन से अपनी आय करते  हैं. लेकिन एक और समानता इन दोनों देशों के वित्त वर्ष में है. दोनों देशों का वित्त वर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से तय होता है, यानी इसकी शुरुआत1 जनवरी से होती है. 

चीन में कैलेंडर इयर होता वित्त वर्ष
मुख्य चीन में ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से 1 जनवरी से 31 दिसंबर को वित्त वर्ष माना जाता है. यही वित्त वर्ष ताइवान और मकाऊ का भी है. लेकिन ब्रिटिश उपनिवेश रहे हांगकांग का वित्त वर्ष राष्ट्रमंडल देशों के हिसाब से 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है.

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