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शेखपुरा हाउस से आश्रम तक... जानिए कैसे बदला प्रशांत किशोर का राजनीतिक ठिकाना

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना के शेखपुरा हाउस को छोड़कर बिहटा स्थित आश्रम को अपना नया राजनीतिक ठिकाना बना लिया है. पटना IIT के पास बन रहे इस 15 बीघा के आश्रम से अब पार्टी की सभी राजनीतिक, संगठनात्मक बैठकों और कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग का संचालन होगा.

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प्रशांत किशोर ने आजतक से बातचीत करते हुए आश्रम में शिफ्ट होने की पुष्टि की है (File Photo- PTI)
प्रशांत किशोर ने आजतक से बातचीत करते हुए आश्रम में शिफ्ट होने की पुष्टि की है (File Photo- PTI)

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना में अपने आवास को खाली कर दिया है. उन्होंने अब पटना से तकरीबन 40 किलोमीटर बाहर बिहटा इलाके में एक आश्रम को अपना नया ठिकाना बनाया है. प्रशांत किशोर का यह आश्रम पटना आईआईटी के बगल में है. इस आश्रम का नाम बिहार नव निर्माण आश्रम है.

प्रशांत किशोर ने आजतक से बातचीत करते हुए इस खबर की पुष्टि की कि उन्होंने मंगलवार रात को पटना में अपना आवास खाली कर दिया है और आश्रम में रहने लगे हैं. उन्होंने बताया कि अब यह आश्रम ही उनके पार्टी के राजनीतिक और संगठन के सभी प्रकार की गतिविधियों का केंद्र बनेगा.

जानकारी के मुताबिक नव निर्माण आश्रम का निर्माण तकरीबन 15 बीघा जमीन में हो रहा है. इसका निर्माण कार्य अभी तेजी से शुरू है और माना जा रहा है कि अगले तीन से चार महीने में यह आश्रम पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा. हालांकि, इसमें प्रशांत किशोर इसमें अभी से रहने लगे हैं और पार्टी का संचालन यही से हो रहा है.

पार्टी के करीबी लोगों ने बताया कि यह आश्रम का इस्तेमाल पार्टी की बैठकों, राजनीतिक चर्चा, ट्रेनिंग और कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ मुलाकात के लिए किया जाएगा. आश्रम में शिफ्ट होने से पहले प्रशांत किशोर पटना में 'शेखपुरा हाउस' में रह रहे थे, जो पूर्व भाजपा सांसद और जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह का निजी आवास है.

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बता दें कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में शेखपुरा हाउस की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. कारण, उस दौरान पार्टी की सभी बैठक, उम्मीदवारों का चयन, मीडिया से बातचीत और चुनाव की प्लानिंग इसी शेखपुरा से होती थी. हालांकि इन चुनावों में प्रशांत किशोर की पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. पार्टी ने बिहार में तकरीबन सभी सीटों पर चुनाव लड़ा था और एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाई थी.

विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बावजूद भी प्रशांत किशोर में बिहार को बदलने और परिवर्तन लाने की मुहिम को जारी रखा है. वह लगातार बिहार के सभी जिलों का दौरा भी कर रहे हैं. प्रशांत किशोर मानते हैं कि बिहार को बदलने का उनका प्रयास शॉर्ट टर्म नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म है.

ऐसा नहीं है कि प्रशांत किशोर पहली बार किसी आश्रम में रह रहे हो. दिसंबर 2024 में भी प्रशांत किशोर पटना के मरीन ड्राइव इलाके में एक आश्रम में शिफ्ट हो गए थे. यह आश्रम उनके पार्टी का कुछ दिनों तक के लिए ठिकाना था. बाद में इस आश्रम को भी खाली कर दिया गया.

जानकारों का मानना है कि बिहार नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट होकर प्रशांत किशोर यह संदेश देना चाहते हैं कि बिहार को बदलने की उनकी मुहिम 2030 विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगी. प्रशांत किशोर में स्पष्ट किया है कि वह 2030 बिहार विधानसभा चुनाव तक इसी आश्रम में रहेंगे और यही से पार्टी का संचालन करेंगे.

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