बिहार में चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में एनडीए की शानदार जीत और आरजेडी की करारी हार के बाद जेडीयू ने तेजस्वी यादव पर करारा हमला बोला है.
जेडीयू प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने दावा किया कि हालिया उपचुनावों में एनडीए की जीत से 'राजनीतिक लज्जा' के कारण तेजस्वी शीतकालीन सत्र में शामिल होने से बच सकते हैं.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव पहले भी मानसून सत्र से गायब रहे थे और यह लोकसभा चुनाव में आरजेडी के खराब प्रदर्शन के कारण हुआ था. इस बार भी उनके अनुपस्थित रहने की संभावना है.
आरजेडी से छिन गया सिंगल लार्जेस्ट पार्टी का दर्जा
बता दें कि शनिवार को बिहार के चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में एनडीए ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इमामगंज सीट बरकरार रखी और तरारी, रामगढ़, बेलागंज सीटें आरजेडी से छीन लीं. आरजेडी ने उपचुनाव में मिली इस हार के बाद 243 सदस्यों वाले बिहार विधानसभा में "सिंगल लार्जेस्ट पार्टी" का दर्जा भी खो दिया है.
इसी को लेकर नीरज कुमार ने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वो इस बार भी सत्र से अनुपस्थित रहते हैं, तो "सैलरी घोटाले" के बाद उन पर "कर्तव्य घोटाले" का आरोप भी लगाया जाएगा. उन्होंने तेजस्वी पर चुनावी हलफनामे में अपनी आय कम बताने का आरोप लगाया था, जिसके चलते आरजेडी नेता ने उनके खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजा है.
पांच दिनों तक चलेगा शीतकालीन सत्र
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव और आरजेडी को चुनौती देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय सत्र से अनुपस्थित रहना जनता के साथ धोखा होगा. एनडीए के इस शानदार प्रदर्शन के बाद आरजेडी में एक बार फिर तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल खड़े हो रहे है.