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बिहार: गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रगान के बाद लगे 'जिन्ना अमर रहे' के नारे, टीचर मंसूर आलम गिरफ्तार

गणतंत्र दिवस पर सुपौल जिले के किशनपुर प्रखंड स्थित अभुवार उच्च विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा कथित रूप से आपत्तिजनक नारा लगाए जाने से हंगामा हो गया. प्रधानाध्यापक की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया. छात्रों ने भी घटना की पुष्टि की है. मामले की जांच जारी है. घटना से राष्ट्रीय पर्व की गरिमा, शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

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नारे के बाद टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया है. (Photo: Screengrab)
नारे के बाद टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया है. (Photo: Screengrab)

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली घटना बिहार के सुपौल जिले में किशनपुर प्रखंड के अभुवार उच्च विद्यालय में सामने आई. ध्वजारोहण समारोह के दौरान विद्यालय में पदस्थ शिक्षक मोहम्मद मंसूर आलम द्वारा कथित तौर पर “जिन्ना अमर रहें” का नारा लगाए जाने से पूरे कार्यक्रम में हंगामा हो गया.

प्रिंसिपल ने दर्ज कराई शिकायत?
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक, छात्र और अभिभावक तत्काल सकते में आ गए. कुछ छात्रों ने इसे तुरंत रिकॉर्ड किया और अन्य लोगों ने आपत्ति जताई. विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने इस घटना को गंभीर मानते हुए तुरंत स्थानीय किशनपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई. प्रधानाध्यापक ने कहा कि ऐसे कृत्य से छात्रों में अनुशासन का संदेश प्रभावित होता है और राष्ट्रीय पर्व की गरिमा पर आघात पहुंचता है.

मामले की जांच कर रही पुलिस
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षक मोहम्मद मंसूर आलम को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जांच में कई छात्रों ने भी इस बात की पुष्टि की कि शिक्षक ने उक्त नारा लगाया था. फिलहाल पुलिस मामले की विस्तार से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि घटना कितनी गंभीर है और इसमें और कौन-कौन शामिल थे.

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क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना
विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है. लोगों का कहना है कि इस तरह की हरकतों से न केवल राष्ट्रीय पर्व की गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और शिक्षक की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठते हैं. कई अभिभावक और शिक्षक इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि छात्रों के सामने ऐसा कृत्य अनुचित उदाहरण पेश करता है.

सुपौल जिले में इस घटना ने शिक्षा जगत और स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी का काम किया है. अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं कि कैसे इस प्रकार की घटनाओं को रोका जाए और भविष्य में छात्रों व शिक्षकों को अनुशासन की सीख दी जा सके.

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