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पटना: 'चुप रहने के लिए मैनेजर ने दिया लाखों का ऑफर, पुलिस दे रही धमकी', छात्रा के परिजनों का सनसनीखेज आरोप

पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि इलाज करने वाले अस्पताल के डॉक्टरों ने सबूत छुपाए और धमकाया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप और शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात कही गई है. परिजनों ने हॉस्टल मैनेजर पर चुप रहने के लिए लाखों रुपये का ऑफर देने और पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया है. परिवार सरकार और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहा है.

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छात्रा के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. (File Photo: ITG)
छात्रा के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. (File Photo: ITG)

पटना में NEET की छात्रा की संदिग्धता मौत मामले में पीएमसीएच से छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शनिवार को पटना में छात्रा के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पटना पुलिस, हॉस्टल संचालक और जिस अस्पताल में छात्रा का इलाज हुआ उसके डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाया. छात्रा के परिजनों का आरोप है कि पास्टमार्टम से पहले जिस अस्पताल में छात्रा का इलाज हुआ वहां के डॉक्टरों ने साक्ष्य छुपाया और परिजनों को धमकी भी दी, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा है कि छात्रा के साथ रेप हुआ है और बदन पर कई जगह चोट के निशान है. 

छात्रा के मामा ने कहा, 'हॉस्टल संचालक ने परिवार वालों को चुप रहने के लिए लाखों रुपये देने की बात कही. और पुलिस के द्वारा भी धमकी दी गई की दस दिन बाद तुम लोगों को पता चलेगा की तुमलोगों ने क्या किया है.' परिवार के लोग सरकार और प्रशासन से इंसाफ की गुहार कर रहे हैं. छात्रा के मामा ने कहा, “हम न्याय चाहते हैं. जो भी अपराधी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. हम चुप नहीं बैठेंगे.”

हॉस्टल की हुई दोबारा जांच
पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल इन दिनों लगातार चर्चा में बना हुआ है. इसी हॉस्टल में रह रही एक NEET छात्रा की रहस्यमयी मौत के बाद मामला दिन-ब-दिन और गंभीर होता जा रहा है. शुरुआती जांच में पुलिस के बयानों में विरोधाभास सामने आए, जिसके बाद मृत छात्रा के परिजनों ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पूरे केस को नया मोड़ दे दिया.

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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. इस SIT की कमान खुद आईजी जितेंद्र कुमार राणा ने संभाली है. आईजी के नेतृत्व में SIT की टीम, पटना एसपी कार्तिकेय शर्मा और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची और पूरे परिसर की दोबारा बारीकी से जांच की गई.

दरवाजों पर आपत्तिजनक अशोभनीय शब्द
जांच के दौरान पुलिस टीम उस समय हैरान रह गई, जब हॉस्टल के कई कमरों के दरवाजों पर अशोभनीय शब्द लिखे हुए पाए गए. इसके अलावा हॉस्टल परिसर से कई संदिग्ध वस्तुएं भी मिलीं. पांच मंजिला इमारत में मौजूद लिफ्ट, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाओं को देखकर अधिकारी भी चौंक गए, जिससे हॉस्टल के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.

परिजनों का आरोप है कि इसी हॉस्टल में छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया. शुरुआत में पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था, लेकिन परिजनों के लगातार विरोध-प्रदर्शन और दबाव के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर पीएमसीएच और एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों की राय में अंतर सामने आने के बाद अब पटना पुलिस ने एम्स से दोबारा मेडिकल रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह साफ हो सके कि नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं.

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