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चाचा पारस को पटना में खाली करना पड़ा पार्टी दफ्तर, अब चिराग वहां बनाएंगे अपना ऑफिस

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस को पटना में अपनी पार्टी का दफ्तर खाली करना पड़ा. पारस की पार्टी से न अब कोई सांसद हैं और न ही विधायक जिसके बाद बिहार सरकार ने पशुपति पारस से दफ्तर के लिए इस्तेमाल होने वाले बंगले को खाली करने को कहा था. अब चिराग पासवान इसमें लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास का दफ्तर बनाएंगे.

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पशुपति पारस ने खाली किया पटना दफ्तर
पशुपति पारस ने खाली किया पटना दफ्तर

पूर्व केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस का राजनीतिक अस्तित्व खतरे में आ गया है. पहले उन्हें एनडीए में कोई सीट नहीं मिली और अब पटना में पार्टी कार्यालय भी उनसे छिन गया है.

पशुपति पारस से छिन गया पार्टी दफ्तर

राजधानी पटना के जिस सरकारी बंगले में पशुपति पारस अपनी पार्टी का कार्यालय चलाते थे उसे उन्हें खाली करना पड़ा है. दरअसल रामविलास पासवान के पार्टी अध्यक्ष रहते लोक जनशक्ति पार्टी का प्रदेश कार्यालय पटना के व्हीलर रोड पर एक सरकारी बंगले में बना हुआ था. 

जब पार्टी में टूट हुई तो चिराग पासवान को बेदखल कर चाचा पशुपति पारस ने पटना के प्रदेश कार्यालय वाले बंगले पर अपना कब्जा जमाए रखा. यह बंगला पशुपति कुमार पारस के नाम पर ही आवंटित था.

इस बंगले को लेकर चाचा और भतीजे के बीच लंबे समय तक विवाद भी चला लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जब चिराग पासवान की स्थिति मजबूत हुई तो बिहार की एनडीए सरकार ने इस बंगले का आवंटन पशुपति कुमार पारस के लिए रद्द करते हुए इसे चिराग पासवान की पार्टी के लिए आवंटित कर दिया.

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पारस ने खाली किया दफ्तर

अब चिराग पासवान यहां बनाएंगे पार्टी दफ्तर

हालांकि सरकार के इस आदेश को पशुपति पारस की पार्टी ने स्वीकार नहीं किया और मामला कोर्ट तक जा पहुंचा. पटना हाई कोर्ट में सुनवाई भी हुई लेकिन पशुपति पारस के खेमे को कोई राहत नहीं मिली. कोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार पशुपति कुमार पारस को यह बंगला खाली करना पड़ा.

सोमवार को पूरे दिन बंगले से सामान निकलता रहा, लंबे समय से प्रदेश कार्यालय होने की वजह से इस आवासीय परिसर में कुछ अस्थाई निर्माण भी कराया गया था. हैरानी की बात यह है कि इस बंगले को खाली करने के बाद अस्थाई निर्माण की छत भी गायब दिख रही है.

पशुपति पारस गुट ने जताई नाराजगी

माना जा रहा है कि बंगला अपने हाथ से जाता देख पशुपति पारस का खेमा अपनी नाराजगी दिखाते हुए बंगले को बुरे हाल में छोड़ना चाहता है. कोर्ट ने जितने दिनों तक की राहत राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को दी थी वह मियाद भी खत्म हो रही थी जिसके बाद उन्हें मजबूर होकर बंगला खाली करना पड़ा.

दफ्तर छिन जाने के बाद अब पशुपति पारस की पार्टी के नेता खुले तौर पर एनडीए के अंदर अपने साथ हो रहे नाइंसाफी की बात कहने लगे हैं. पारस गुट ने सरकार से 13 नवंबर तक नया आवास आवंटित किए जाने की मांग भी कर दी है. अब इस बंगले में चिराग पासवान अपनी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का कार्यालय बनाएंगे.

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