बिहार में वैशाली पुलिस ने 15 माह पहले हुए अपहरण के एक मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस ने अपहरण का खुलासा करते हुए जहां अपहृत युवक के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने पुलिस को बताया कि किस तरह अपमान का बदला लेने के लिए उन्होंने पहले बर्थडे पार्टी के बहाने विशाल को बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी.
दरअसल 17 जनवरी 2025 को सदर थाना क्षेत्र के चंद्रालय निवासी वीणा देवी ने अपने पुत्र विशाल के अपहरण का केस दर्ज कराया था और अपहरण का आरोप अपने पड़ोसी और विशाल के कुछ दोस्तों पर लगाया था.शुरुआती जांच में पुलिस ने अपहृत विशाल के दोस्तों से पूछताछ भी की लेकिन सभी ने पुलिस को गुमराह किया.
इस बीच 31 जनवरी 2025 को सराय थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव मिला जिसे अज्ञात समझ कर केस को क्लोज कर दिया गया था लेकिन अब पुलिस को यह पता चला है कि वह अज्ञात लाश विशाल की ही थी जिसे उसके दोस्तों ने ही हत्या के बाद फेंक दिया था.
इस बारे में सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि एसपी विक्रम सिहाग के निर्देश पर विशाल अपहरण केस को दुबारा खोला गया और नए सिरे से इसकी जांच की गई तब पता चला किलक्की,अंशु पांडे सहित विशाल के सात दोस्तों ने मिलकर उसको जन्मदिन की पार्टी के लिए बुलाया था. उसका अपहरण कर एक अन्य दोस्त वासिफ के घर ले जाया गया, जहां लक्की ने गमछे से गला दबाकर विशाल की हत्या कर दी और अंशु,शुभम,अभिषेक और मोनू सहित अन्य दोस्तों ने मिलकर शव को सराय थाना क्षेत्र में फेंक दिया.
सदर एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में अभी दो युवकों की गिरफ्तारी की गई है जबकि मुख्य आरोपी लक्की समेत बाकी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.वहीं एसडीपीओ ने बताया कि विशाल का पैसे के लेन देन को लेकर लक्की से विवाद हुआ था, जिसमें विशाल ने लक्की को अपमानित किया था. उसी अपमान का बदला लेने के लिए सभी ने मिलकर गहरी साजिश रची थी. हालांकि एसडीपीओ ने यह भी बताया कि मृतक विशाल भी अपराधी चरित्र का था जिसपर कुछ मामले दर्ज थे.