बिहार के दरभंगा में घरेलू गैस को लेकर उपभोक्ताओं की भीड़ देखने को मिली. दरभंगा के लहेरियासराय इलाके की एक गैस एजेंसी के बाहर सैकड़ों लोग खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े नजर आए. उपभोक्ता सड़क किनारे अपने-अपने सिलेंडर कतार में रखकर गैस मिलने का इंतजार करते दिखे. हालात यह रहे कि कई लोग सुबह पांच–छह बजे ही एजेंसी पहुंच गए और एजेंसी खुलने का इंतजार करते रहे.
समय बीतने के साथ गैस लेने पहुंचने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती गई और देखते ही देखते सैकड़ों सिलेंडर एजेंसी के बाहर कतार में लग गए. हालांकि इंतजार के बावजूद अधिकतर लोगों को गैस मिलती दिखाई दी. मौके पर कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं दिखी और लोग शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे.
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एजेंसी प्रबंधन का दावा – गैस की कमी नहीं
गैस एजेंसी के मैनेजर गिरिधर चौधरी ने कहा कि गैस की कोई कमी नहीं है. उनके अनुसार, युद्ध से जुड़ी खबरें और टीवी-न्यूज देखने के बाद लोग अचानक गैस लेने एजेंसी पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ बढ़ गई है. उन्होंने बताया कि गैस की आपूर्ति में कहीं कोई दिक्कत नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियम और गाइडलाइन के अनुसार सिलेंडर दिया जा रहा है.
प्रबंधक के मुताबिक किसी भी उपभोक्ता से एक रुपया भी अतिरिक्त नहीं लिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि उसी दिन एजेंसी पर गैस के दो ट्रक पहुंचे थे और सभी लोगों को गैस उपलब्ध कराई जा रही थी. एजेंसी का कहना है कि भीड़ का कारण आपूर्ति नहीं बल्कि अचानक बढ़ी मांग है.
लोगों ने जताई परेशानी, रोजेदार महिलाएं भी कतार में
हालांकि कई उपभोक्ताओं ने गैस मिलने में देरी और परेशानी की बात कही. रोजेदार मुस्लिम महिला रुखसाना खातून ने बताया कि वे रोजा रखकर सुबह से लाइन में खड़ी हैं और गैस के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि रोजे के दौरान घर में ज्यादा खाना बनता है, ऐसे में गैस की जरूरत अधिक रहती है और इंतजार से परेशानी बढ़ रही है.
उपभोक्ता शेखर मिश्रा ने कहा कि पिछले तीन–चार दिनों से गैस मिलने में दिक्कत हो रही है. उनके अनुसार कई बार यह कहा जाता है कि गैस की गाड़ी नहीं आई है, जिससे लोग एजेंसी तक आकर खाली लौट जाते हैं.
उपभोक्ताओं ने व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई
एक अन्य उपभोक्ता कुणाल कुमार ने कहा कि यदि एजेंसी चाहे तो भंडार व्यवस्था के माध्यम से गैस घर-घर भेजी जा सकती है, जिससे भीड़ कम होगी. उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध की वजह से गैस की किल्लत होना साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रहा है.
कुणाल कुमार के मुताबिक अन्य कारण भी हो सकते हैं और कुछ लोगों ने गैस की कालाबाजारी की आशंका भी जताई. उन्होंने कहा कि लोगों को आसानी से गैस मिले इसके लिए वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाना चाहिए.