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पटना में अर्घ्य देते समय फिसला छठ व्रती का पैर, गंगा नदी में डूबा

पटना में हल्दी छपरा गंगा घाट पर छठ व्रती का अर्घ्य देते समय पैर फिसलने गया, जिससे वह गंगा नदी में डूब गया. पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने खोजबीन शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक युवक का कुछ भी पता नहीं चला है.

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पटना में शाम का अर्घ्य देते समय फिसला छठ व्रती का पैर. (photo: ITG)
पटना में शाम का अर्घ्य देते समय फिसला छठ व्रती का पैर. (photo: ITG)

छठ महापर्व के दौरान पटना के मनेर स्थित हल्दी छपरा गंगा घाट पर डूबने से एक छठ व्रती युवक की मौत हो गई. मृतक की पहचान पटना के विक्रम निवासी कुणाल कुमार के रूप में हुई है. कुणाल अपने परिजनों के साथ छठ पूजा के लिए हल्दी छपरा घाट पर आए थे. घाट पर अर्घ्य देने के दौरान युवक का पैर फिसल गया और वह गंगा की तेज धारा में बह गया. घटना की सूचना के बाद मनेर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम खोजबीन में जुट गईं. घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

पुलिस ने बताया कि कुणाल कुमार अपने परिजनों के साथ छठ व्रत करने मनेर के हल्दी छपरा गंगा घाट आए थे. शाम के अर्घ्य के समय वह पूजा सामग्री लेकर नदी किनारे खड़े थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरे. वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया और बचाने की कोशिश की, लेकिन गंगा का तेज बहाव होने से वह बह गए.

घटना की सूचना मिलते ही मनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. वहां तैनात पदाधिकारियों ने युवक को निकालने की कोशिश की, लेकिन वह तेज बहाव में बह गए. इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया जो अभी भी शव की खोजबीन में जुटी है.

रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल

कुणाल के परिजन घाट पर ही बैठे रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं. उनकी मां और पत्नी बार-बार बेहोश हो रही हैं. आसपास के श्रद्धालु भी माहौल को देखकर स्तब्ध हैं. छठ व्रत की खुशी मातम में बदल गई है.

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खतरनाक घोषित किया गया था हल्दी छपरा घाट

दानापुर के डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार ने बताया कि पटना के विक्रम से कुणाल कुमार अपने परिजनों के साथ छठ व्रत करने मनेर हल्दी छपरा गंगा घाट आए थे. अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में डूब गए. वहां मौजूद लोगों और पदाधिकारियों ने उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन वह डूब गए और अभी तक युवक का पता नहीं चला है. अब एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है जो उनकी तलाश में जुटी हुई है.

उन्होंने बताया कि हल्दी छपरा घाट को पहले भी खतरनाक घोषित किया गया था. खतरनाक जगह पर बैरिकेडिंग भी की गई थी, लेकिन ऐसा मालूम होता है कि कम भीड़ होने की वजह से ये लोग वहां चले गए थे.

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