बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आज उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया जब यूजीसी (UGC) गाइडलाइन लागू करने की मांग ने जातिगत बहस का रूप ले लिया. भाकपा माले विधायक संदीप सौरव द्वारा विरोधियों को "ब्राह्मणवादी" कहे जाने पर सदन में तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद अध्यक्ष को विवादित शब्दों को कार्यवाही से निकालने का आदेश देना पड़ा.
सदन में भाकपा माले विधायक संदीप सौरव यूजीसी नियमों को लागू करने की वकालत कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने इस व्यवस्था का विरोध करने वालों को "ब्राह्मणवादी मानसिकता" का बताया.
इस टिप्पणी पर भाजपा विधायक मुरारी मोहन ठाकुर और संदीप सौरव के बीच तीखी बहस हुई, जहां दोनों एक-दूसरे को उंगली दिखाते नजर आए. विपक्ष के आरजेडी विधायकों ने भी इस दौरान जमकर नारेबाजी की.
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डिप्टी सीएम का पलटवार
हंगामे के बीच डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया. उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा साझा करते हुए कहा, "मैं भूमिहार ब्राह्मण समाज से हूं और मेरी भी रैगिंग हुई है, मेरे साथ भेदभाव हुआ है. जो लोग ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, उनकी मानसिकता खराब है." उन्होंने कहा कि समाज के एक विशेष वर्ग को निशाना बनाना गलत है.
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही आरजेडी विधायकों ने आरक्षण की सीमा को 65% से बढ़ाकर 85% करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. वहीं, सरकार की ओर से मंत्री अशोक चौधरी ने तर्क दिया था कि आरक्षण का मूल आधार "अस्पृश्यता" (Untouchability) था.