बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आगामी राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिससे सत्तारूढ़ एनडीए की सभी पांच सीटें निर्विरोध जीतने की कोशिश को चुनौती मिल गई है. यह निर्णय पार्टी के केंद्रीय और राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया, जो संस्थापक अध्यक्ष लालू प्रसाद के आवास पर देर शाम तक चली.
पार्टी विधायक भाई वीरेंद्र ने बैठक के बाद बताया कि केंद्रीय और राज्य संसदीय बोर्ड ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को राज्यसभा चुनाव को लेकर अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनाव लड़ने का निर्णय कर लिया है. वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांती सिंह ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राजद निश्चित रूप से चुनाव मैदान में उतरेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक खुद तेजस्वी यादव भी राज्यसभा चुनाव लड़ सकते हैं.
आरजेडी के पास नहीं हैं जरूरी आंकड़े
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 243 सदस्यीय विधानसभा में राजद के पास फिलहाल 25 विधायक हैं. महागठबंधन के सहयोगियों कांग्रेस और वाम दलों का समर्थन मिलने पर भी कुल संख्या 35 तक पहुंचती है, जो एक सीट जीतने के लिए आवश्यक संख्या से करीब छह कम है. इसके बावजूद राजद एक सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहा है और उसे एआईएमआईएम तथा बसपा के समर्थन की उम्मीद है. हालांकि दोनों दलों ने अब तक स्पष्ट समर्थन का ऐलान नहीं किया है.
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने संकेत दिया है कि वो खुद भी चुनाव लड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता के नाम पर दूसरों का समर्थन कब तक किया जाएगा, अब समय है कि अन्य दल भी उनका समर्थन करें.
RJD की हार होगी: चिराग
इस महीने होने वाले चुनाव में कुल पांच सीटों पर मतदान होना है, जिनमें से तीन फिलहाल एनडीए के पास हैं और दो राजद के पास. एनडीए के पास विधानसभा में 202 विधायक हैं और वह सभी पांच सीटें जीतने को लेकर आश्वस्त दिख रहा है. जेडीयू की दो सीटें बरकरार रहने की संभावना है, जबकि भाजपा दो सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है.
उधर, लोजपा (रामविलास) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यदि राजद चुनाव लड़ना चाहता है तो वह स्वतंत्र है, लेकिन उसकी हार तय है. उन्होंने दावा किया कि एनडीए सभी पांच सीटें जीतेगा. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 मार्च है और अब सभी दलों की नजर उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हुई है.