
Maruti e Vitara baas explained: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki ने भारतीय बाजार में अपनी पहली मास-मार्केट इलेक्ट्रिक कार Maruti e-Vitara को लॉन्च कर दिया है. यह पांच सीटों वाली इलेक्ट्रिक SUV खास बैटरी-एज-ए-सर्विस यानी BaaS मॉडल के साथ लाई गई है. इस स्कीम के तहत ग्राहक गाड़ी को 10.99 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर खरीद सकते हैं, जबकि बैटरी के लिए अलग से 3.99 रुपये प्रति किलोमीटर का चार्ज देना होगा. कंपनी का कहना है कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर आसानी से कदम बढ़ा सकेंगे.
कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक SUV को Nexa Edge नाम के खास ओनरशिप पैकेज के साथ पेश किया है. इसके तहत Nexa डीलरशिप से गाड़ी खरीदने वाले ग्राहकों को 7.4 kW का होम वॉल चार्जर मुफ्त में दिया जा रहा है, जिसमें इंस्टॉलेशन भी शामिल है. इसके साथ ही, पहले एक साल तक डीलर लोकेशन पर पब्लिक चार्जिंग की सुविधा भी बिना किसी एक्स्ट्रा खर्च के मिलेगी, जिसे एक खास चार्जिंग ऐप के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा.
शुरुआती ग्राहकों के लिए कंपनी ने आकर्षक रिसेल वैल्यू स्कीम भी पेश की है. तय शर्तों के तहत 3 साल बाद गाड़ी की 60 प्रतिशत तक बायबैक वैल्यू की गारंटी दी जा रही है. जबकि 4 साल या 60,000 किलोमीटर तक चलाने के बाद ग्राहकों को 50 प्रतिशत बायबैक वैल्यू दी जाएगी. यानी ग्राहक कार को 3-4 साल चलाने के बाद भी कंपनी ने 50-60% पैसे वापस पा सकते हैं.

Maruti e Vitara को दो बैटरी पैक (49 kWh और 61 kWh) ऑप्शन के साथ पेश किया गया है. कंपनी का कहना है कि, बड़ा बैटरी पैक टेस्ट कंडीशन में सिंगल चार्ज में 543 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम है. कंपनी के अनुसार, मारुति नेटवर्क में पहले से ही 1,500 से ज्यादा EV-रेडी सर्विस सेंटर मौजूद हैं, जहां ट्रेंड स्टाफ और चार्जिंग स्पेशलिस्ट उपलब्ध हैं. इस इलेक्ट्रिक SUV में दो बैटरी विकल्प दिए गए हैं, . दोनों बैटरियों पर 8 साल या 1,60,000 किलोमीटर तक की वारंटी दी जा रही है, जो भी पहले पूरा हो.
इस इलेक्ट्रिक SUV की बुकिंग ऑनलाइन और शोरूम दोनों जगह शुरू हो चुकी है. बुकिंग के लिए ग्राहकों को 21,000 रुपये की राशि बतौर टोकन अमाउंट देना होगा. कंपनी ने बताया है कि शुरुआती कीमत और फायदे 31 मार्च 2026 तक ही मान्य रहेंगे, इसके बाद शर्तों और योजनाओं में बदलाव किया जा सकता है. कंपनी यह भी कह रही है कि, Baas सर्विस के तहत इस कार को पेश कर के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और भी किफायती बनाया गया है, ताकि आम ग्राहकों को EV अपनाने में आसानी हो. लेकिन क्या सच में ऐसा होगा...
मारुति सुजुकी की छवि एक बजट कार निर्माता की है. घरेलू पैसेंजर व्हीकल बाजार में तकरीबन 40% हिस्सेदारी रखने वाली इस देसी ब्रांड से लोगों को काफी उम्मीदें रहती हैं. मारुति ने जब अपने पहली इलेक्ट्रिक कार को बतौर कॉन्सेप्ट शोकेस किया था, तब से ही ग्राहकों का एक बड़ा वर्ग मारुति की ईवी का इंतजार कर रहा था. मारुति का दशकों का भरोसा, लंबे समय की तैयारी और विश्वसनीयता ने लोगों को इंतज़ार करने के लिए धैर्य दिया था कि, वो आने वाले समय में एक किफायती इलेक्ट्रिक कार की उम्मीद कर सकते हैं.
इलेक्ट्रिक कारों के मामले में बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) सब्सक्रिप्शन प्लान एक ऐसा मॉडल होता है जिसमें गाड़ी की बैटरी कार की कीमत में शामिल नहीं होती है. बल्कि उसे अलग से किराये या उपयोग के हिसाब से लिया जाता है. इस सब्सक्रिप्शन मॉडल में ग्राहक को EV खरीदते समय कम शुरुआती कीमत चुकानी पड़ती है, क्योंकि बैटरी की बड़ी लागत हट जाती है.
बैटरी के लिए तय सब्सक्रिप्शन या प्रति किलोमीटर चार्ज देना होता है, जिससे मेंटेनेंस, बैटरी हेल्थ और रिप्लेसमेंट की चिंता कंपनी की जिम्मेदारी बन जाती है. यह मॉडल खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है जो EV को कम शुरुआती खर्च के साथ खरीदना चाहते हैं और बैटरी खराब होने या उसकी उम्र को लेकर तनाव नहीं लेना चाहते.

जैसा कि कंपनी ने बताया कि, Maruti e-Vitara के लिए ग्राहकों 10.99 लाख रुपये (BaaS) स्कीम के तहत चुकाने होंगे. इसके बाद उन्हें प्रतिकिमी के लिए 3.99 रुपये की मासिक किस्त (EMI) देनी होगी. यानी ग्राहक जितना कार चलाएगा उसे उतनी रकम चुकानी होगी. आमतौर पर एक शहरी हर महीने कम से कम 3,000 किमी की ड्राइव करता है. यहां पर प्रतिदिन केवल 100 किमी का औसत लिया गया है. इस हिसाब से कार मालिक को कार की कीमत के अलावा हर महीने तकरीबन 12,000 रुपये की रकम देनी होगी. वहीं गाड़ी रोजाना औसतन 60 किलोमीटर चलेगी तो यह रकम घटकर 7,200 रुपये हो जाएगी.
BaaS की शर्तों से परिचित लोग जानते हैं कि ये योजनाएं अक्सर खरीदार के लिए फायदेमंद नहीं होतीं. MG Windsor के शुरुआती ग्राहकों के अनुभव बताते हैं कि BaaS के नियम सख्त होते हैं. संभव है कि यही शर्तें मारुति e-Vitara पर भी लागू हों, हालांकि अभी इसकी पूरी पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन इतना साफ है कि बैटरी लोन के लिए कम से कम 7,200 रुपये हर महीने चुकाने होंगे.
असल में BaaS कोई सब्सक्रिप्शन नहीं बल्कि एक लोन ही है, जिसे इस तरह पेश किया जाता है ताकि इलेक्ट्रिक कार का कुल खर्च कम लगे. Windsor के मामले में बैटरी का लोन बैंक या NBFC से लिया जाता है. चाहे बैंक वही हो या अलग, एक अलग लोन अकाउंट खोलना जरूरी होता है. इसका मतलब है ज्यादा कागजी काम और ज्यादा झंझट.
अगर 5 लाख रुपये का लोन 4 साल के लिए लिया जाए, तो करीब 97,241 रुपये ब्याज देना पड़ता है. लेकिन वही लोन अगर 8 साल के लिए लिया जाए, तो ब्याज करीब 2.03 लाख रुपये तक पहुंच जाता है. यानी सिर्फ लोन का टेन्योर बढ़ाने से आपको तकरीबन एक लाख रुपये से ज्यादा देना पड़ता है. जब तक आप इसे बिजनेस खर्च के तौर पर टैक्स में एडजस्ट नहीं कर सकते, तब तक यह सौदा समझदारी भरा नहीं है. इसलिए सुविधा के लिए यही सलाह है कि पूरी कार एक ही लोन पर ली जाए. इससे मैनेजमेंट आसान रहता है और बेवजह के ब्याज से भी बचा जा सकता है.

ज्यादातर कार कंपनियां दावा करती हैं कि वे 50,000 रुपये का फ्री होम चार्जर दे रही हैं. और मारुति सुजुकी भी यही कह रही है. लेकिन हकीकत कुछ और है. बाजार में कुछ प्लेयर्स ऐसे हैं जो 7kW का होम चार्जर कम कीमत में दे रहे हैं. जिनकी कीमत करीब 35,000 रुपये के आसपास पड़ती है. वहीं, कुछ कम चर्चित ब्रांड से यही चार्जर 20,000 रुपये या उससे कम में भी मिल जाता है, और वारंटी भी ज्यादा होती है. ऐसे में इसे 50,000 रुपये का फायदा कहना सही नहीं है. असल बचत करीब 20,000 रुपये की ही है.
मारुति सुजुकी अपनी ई विटारा के साथ 1 साल के लिए कम्प्लीमेंट्री फ्री चार्जिंग की सुविधा दे रही है. MG Windsor के साथ फ्री पब्लिक चार्जिंग की शुरुआत की गई थी, लेकिन यह योजना जल्द ही बंद करनी पड़ी. इससे SAIC के भारत ऑपरेशन पर भारी दबाव पड़ा. संभवत: मारुति सुजुकी ने इससे सबक लिया है. इसलिए यहां अनलिमिटेड फ्री चार्जिंग नहीं, बल्कि पहले साल 1,000 यूनिट तक की फ्री पब्लिक चार्जिंग दी जा रही है.
Maruti e Vitara हमेशा से ही मारुति सुजुकी के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट रहा है. कंपनी ने इस कार को घरेलू बाजार में पेश करने से पहले विदेशी धरती पर उतारा है. बीते कुछ महीनों से इस कार को दूसरे देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है. कंपनी का लक्ष्य है कि, आने वाले समय में इसे 100 से ज्यादा यूरोपीय देशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा. लेकिन जानकार भारतीय बाजार के लिए कार की कीमत को थोड़ा ज्यादा मान रहे हैं.