दिल्ली सरकार (Delhi Government) के परिवहन विभाग के बेड़े में 50 नई सीएनजी बसें (CNG Bus) शामिल हो गई हैं. बसों को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके साथ ही 66 लेन एनफोर्समेंट वाहनों को भी परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल किया गया है. इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने बसों की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली को हम मॉडर्न ट्रांसपोर्ट सिस्टम (Modern Transport System) देना चाहते हैं.
बसों की संख्या बढ़ी
उन्होंने कहा कि बहुत बड़े स्तर पर बसों को जोड़ा जा रहा है, आज 50 नई बसें जोड़ी गई हैं. बसें कम हो रही थीं, जिसकी वजह से बसों में भीड़ थी. सीएनजी के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों की संख्या भी बढ़ी है. रूरल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए बवाना बस डिपो से इन बसों को चलाया जाएगा. पूरी दिल्ली में 360 बस रुट हैं और साथ ही 6 एडिशनल रुट भी बनाए गए हैं.
इलेक्ट्रिक बसों को लेकर बड़ा लक्ष्य
परिवहन विभाग के मुताबिक 50 नई बसें जुड़ने के बाद दिल्ली सरकार के बेड़े में बसों की संख्या बढ़कर 7320 हो जाएगी. इनमें 4010 डीटीसी बस, 3310 क्लस्टर बस और 250 इलेक्ट्रिक बस हैं. सभी बस मॉडर्न इक्विपमेंट से लैस हैं. नवंबर 2023 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 1800 हो जाएगी. वहीं, 2025 तक 6300 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ने का टारगेट है. इसके साथ ही साल 2025 तक बसों का कुल आंकड़ा 10 हजार से ज़्यादा और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 8 हजार से ज्यादा करने का लक्ष्य है.
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली की सरकार ने मई के महीने में 150 इलेक्ट्रिक बसों को सार्वजनिक बेड़े में शामिल किया था. इन 150 बसों के रख-रखाव के लिए मुंडेलकलां, राजघाट और रोहिणी सेक्टर-37 में तीन डिपो तैयार किए गए हैं.
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने टाटा मोटर्स को 1,500 इलेक्ट्रिक बसों का ऑर्डर दिया है. देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. इलेक्ट्रिक वाहनों से प्रदूषण पर काबू पाने में मदद मिलेगी. देश में इन दिनों इलेक्ट्रिक कारों की जबरदस्त डिमांड है. इसको देखते हुए ऑटो कंपनियां लगातार नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च कर रही हैं.