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ऑटो न्यूज़

देश के ऑटो सेक्टर में लौटी बहार, जुलाई में इतनी बढ़ी कार-स्कूटर की सेल!

जुलाई का महीना राहत भरा
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देश के ऑटो सेक्टर के लिए जुलाई का महीना राहत भरा रहा. लंबे समय से सेल में गिरावट का सामना कर रहे इस सेक्टर की सेल जुलाई में बढ़ी है. विशेषकर पैसेंजर व्हीकल की सेल में इजाफा हुआ. सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटो मैन्युफैक्चर्स (SIAM) ने इससे जुड़े जो आंकड़े पेश किए हैं वो काफी सकारात्मक हैं. जानें किसकी सेल कितनी बढ़ी

 2.64 लाख पैसेंजर व्हीकल की सेल
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SIAM के आंकड़ों के हिसाब से जुलाई में पैसेंजर व्हीकल की सेल काफी बढ़ी है. इस साल जुलाई में देश में 2.64 लाख पैसेंजर व्हीकल बिके हैं, जबकि पिछले साल जुलाई में मात्र 1.82 लाख पैंसेजर व्हीकल की बिक्री हुई थी. इस तरह इस सेगमेंट में 44.6% की बढ़त दर्ज की गई है. 

कोविड से पहले की सेल से ज्यादा
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जुलाई में पैंसेजर व्हीकल की सेल कोविड से पहले की स्थिति यानी जुलाई 2019 से भी 39% अधिक है. जुलाई 2019 में देश में पैंसेजर व्हीकल की सेल 1.90 लाख थी.

बढ़ी कार, यूटिलिटी व्हीकल, वैन की सेल
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पैसेंजर व्हीकल में भी कारों की सेल 26% बढ़कर 1.30 लाख यूनिट रही. जबकि यूटिलिटी व्हीकल की सेल 73.7% बढ़कर 1.24 लाख और वैन की सेल 19.5% बढ़कर 10,305 यूनिट रही.
 

2-व्हीलर सेक्टर को मामूली निराशा
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जुलाई में 2-व्हीलर सेगमेंट की सेल 2% से अधिक गिरी है. इस दौरान केवल 12.53 लाख 2-व्हीलर्स की सेल हुई जबकि जुलाई 2020 में ये आंकड़ा 12.81 लाख था. 2-व्हीलर सेगमेंट में गिरावट की बड़ी वजह मोटरसाइकिल की सेल का गिरना है. लेकिन स्कूटर की सेल बढ़ी है.

स्कूटर की सेल इतनी बढ़ी
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जुलाई में स्कूटर की सेल 9.5% बढ़कर 3.6 लाख यूनिट रही. जबकि मोटरसाइकिल की सेल 6% गिरकर 8.37 लाख यूनिट ही रह गई. बीते कुछ समय से लोगों के बीच स्कूटर को लेकर नया रूझान देखा जा रहा है.

व्हीकल प्रोडक्शन बढ़ा 52.5%
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SIAM के डेटा के हिसाब से जुलाई का महीना सेल के साथ-साथ प्रोडक्शन के लिहाज से भी बढ़िया रहा है. पैंसेजर व्हीकल का प्रोडक्शन 52.5% बढ़कर 3.33 लाख यूनिट रहा. जबकि 2-व्हीलर्स का प्रोडक्शन 16.2% बढ़कर 17.02 लाख यूनिट हो गया.

सेमीकंडक्टर की कमी अभी भी परेशानी
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SIAM के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन का कहना है कि भारतीय ऑटो कंपनियों को अभी भी सेमीकंडक्टर की ग्लोबल कमी का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा इंडस्ट्री कोरोना की थर्ड वेब आने की आहट पर गौर कर रही है और किसी तरह सप्लाई चेन को मेंटेन कर रही है.(File Photo)