तुर्किए का भारत के साथ बिजनेस करने का तरीका थोड़ा अजीब है. उसे भारत का डीजल खरीदने में कोई परहेज नहीं, लेकिन जब बात कूटनीति की आती है, तो राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन कश्मीर का राग अलापने से बाज नहीं आते. अगस्त में तुर्किए ने भारत से रिकॉर्ड मात्रा में डीजल खरीदा, क्योंकि रूस से उसकी सप्लाई घट गई थी और मध्य पूर्व का रास्ता बाधित था. यानी जब ईंधन की जरूरत पड़ी, तो भारत काम आ गया. लेकिन यूएन के मंच पर आते ही एर्दोआन को फिर से कश्मीर याद आ गया. कूटनीति में आज बात करेंगे भारत-तुर्किए के व्यापारिक रिश्तों, एर्दोआन के कश्मीर वाले बयान की.