ईरान जंग में मारे गए अमेरिका के 14 सैनिक, 400 से ज्यादा TBI की चपेट में

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष में अब तक 14 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं जबकि घायल सैनिकों की संख्या 400 से ज्यादा हो गई है. जुलाई में अरब सागर में हेलीकॉप्टर क्रैश में एक पायलट की मौत हुई थी. वहीं, घायल सैनिकों में ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी एक गंभीर समस्या बनकर उभर रही है, जिसकी वजह मिसाइल हमले और धमाके बताया जा रहा हैं.

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हमलों में 400 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. (Photo: IRGC) हमलों में 400 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. (Photo: IRGC)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:23 AM IST

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण सैन्य संघर्ष में मौतों का सिलसिला जारी है. इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है. जुलाई की शुरुआत में अरब सागर में एक नौसेना पायलट की हेलीकॉप्टर क्रैश होने के कारण मौत हो गई थी. इसी के साथ युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 14 हो गई है.

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अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की मुताबिक, इस युद्ध में घायल होने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या भी अब 400 के पार पहुंच गई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने बताया कि घायल सैनिकों में से ज्यादातर 'ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी' से पीड़ित हैं.

 1 जुलाई को क्रैश हुए हेलिकॉप्टर हादसे को पहले अमेरिकी नौसेना ने इमरजेंसी लैंडिंग बताया था. नौसेना का कहना था कि इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि ये इमरजेंसी किसी दुश्मन की कार्रवाई या हमले के कारण पैदा हुई थी.

इस हादसे के तुरंत बाद हेलीकॉप्टर पर सवार बाकी तीन नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन पायलट की जान नहीं बचाई जा सकी. पेंटागन के युद्ध हताहत आंकड़ों में जुलाई महीने की इस गैर-युद्धक मौत को भी जोड़ दिया गया है. मार्च में युद्ध की शुरुआत के बाद से अमेरिकी सेना में दर्ज की गई ये पहली मौत है. इससे पहले, मार्च महीने में अलग-अलग हमलों में 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे.

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मार्च में हुए थे बड़े हमले, कई विमान क्रैश

युद्ध के शुरुआती दौर में सबसे बड़ा नुकसान कुवैत में हुआ था. वहां एक अमेरिकी कमांड सेंटर पर ईरानी ड्रोन हमले में छह सैनिकों की जान चली गई थी. इसके बाद, सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए एक हमले में घायल हुए एक सैनिक ने एक हफ्ते बाद दम तोड़ दिया था.

इसके अलावा, ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों का समर्थन कर रहे एक KC-135 रीफ्यूलिंग विमान इराक में क्रैश हो गया था, जिसमें 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी.

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक कुल 414 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं. सोमवार को ही इस लिस्ट में अमेरिकी एयर फोर्स के एक और सदस्य का नाम जोड़ा गया है. लेकिन अभी ये साफ नहीं है कि इस वायु सैनिक को चोट किस हमले में लगी है.

यह भी पढ़ें: अमेरिकी पायलट का बड़ा खुलासा: ईरान के आसमान में दिखा ड्रोनों का अजीबोगरीब झुंड, 'जेलिफिश' की तरह बदल रहा था आकार

TBI बनी बड़ी समस्या

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घायल हुए इस नए सैनिक के बारे में कोई खास जानकारी साझा नहीं की है. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि 'ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी' (TBI) इस जंग में सैनिकों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है. ये चोट उन लड़ाकू बलों में ज्यादा देखी जा रही है जो मिसाइल हमलों और आसपास होने वाले भीषण धमाकों का शिकार हो रहे हैं.

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ये दिमागी चोट और 'पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर' (PTSD) 9/11 के बाद के युग के दिग्गजों और सैनिकों में एक आम समस्या बन चुकी है. इसके बावजूद, सैनिकों पर इसके लंबे समय तक होने वाले प्रभावों को अभी भी पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है.

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