'डील होगी या परिणाम झेलने होंगे...', ईरान को अमेरिकी रक्षा मंत्री की खुली धमकी

अमेरिका‑ईरान के बीच संघर्ष जारी है. दोनों पक्षों ने बातचीत की कोशिशें की हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को चेतावनी दी है कि या तो ईरान समझौता करे या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे.

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अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास के पास ईरानी ड्रोन ऑपरेशन को निशाना बनाकर हमला किया. (Photo: Reuters) अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास के पास ईरानी ड्रोन ऑपरेशन को निशाना बनाकर हमला किया. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:05 PM IST

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से संघर्ष जारी है. युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बातचीत और संभावित समझौते की चर्चाएं तो हुई हैं, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है. एक ओर कूटनीतिक स्तर पर शांति की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी ओर बयानबाजी और धमकियों का सिलसिला भी थमता नजर नहीं आ रहा है.

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जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास के पास ईरानी ड्रोन ऑपरेशन को निशाना बनाकर हमला किया. इसके जवाब में ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे कुवैत की एयर डिफेंस प्रणाली ने हवा में ही मार गिराया.

इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को फिर से धमकी दी है, उन्होंने बताया कि जैसा कि राष्ट्रपति ने कैबिनेट बैठक में बताया, ईरान के पास दो विकल्प हैं, या तो सही तरीके से बातचीत कर समझौता करे या फिर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे.

यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में फिर तनाव! ईरान का अमेरिकी विमान मार गिराने का दावा, US ने किया इनकार

बता दें, Axios की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों ने 60 दिनों के एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के प्रारूप पर सहमति बनाई है. अगर यह समझौता लागू होता है, तो जारी तनाव और संघर्ष के बीच इसे बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जाएगा.

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इस समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने का आश्वासन देगा. वहीं अगले 60 दिनों तक दोनों पक्ष यूरेनियम एनरिचमेंट और ईरान के हाईली एनरिच्ड यूरेनियम स्टॉकपाइल के भविष्य को लेकर बातचीत करेंगे.

इसके अलावा, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर लगी रोक हटाई जाएगी और ईरान को 30 दिनों के भीतर इस क्षेत्र से समुद्री बारूदी सुरंगें हटानी होंगी. साथ ही अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी में ढील देगा.

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