संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के लिए बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान को अध्यक्ष चुना गया है. मंगलवार को हुए कड़े मुकाबले में उन्होंने साइप्रस के बहुपक्षीय मामलों के विशेष दूत एंड्रियास काकोरिस को हरा दिया. 193 सदस्य देशों वाली महासभा के इस चुनाव में मौजूद और मतदान करने वाले 190 देशों में से खलीलुर रहमान को 99 वोट मिले. वहीं, एंड्रियास काकोरिस को 91 वोट मिले. चुनाव जीतने के लिए 96 वोटों की जरूरत थी.
एजेंसी के मुताबिक, सितंबर में शुरू होने वाले महासभा के 81वें सत्र की अध्यक्षता अब खलीलुर रहमान करेंगे. वह मौजूदा अध्यक्ष और जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक की जगह लेंगे. बेयरबॉक संयुक्त राष्ट्र के 80 साल के इतिहास में अध्यक्ष बनने वाली पांचवीं महिला हैं. नतीजों की घोषणा के बाद महासभा कक्ष तालियों से गूंज उठा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मौजूदगी में बेयरबॉक ने चुनाव परिणाम की घोषणा की. नतीजे आने के बाद खलीलुर रहमान ने प्रार्थना की और अपने हाथों को ऊपर उठाया.
बेयरबॉक ने कहा, 'जरूरी बहुमत हासिल करने के बाद खलीलुर रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया है.'
इसके साथ ही उन्होंने रहमान बधाई भी दी. बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भी खलीलुर रहमान को बधाई दी.
तारिक रहमान ने दी बधाई
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'ये उपलब्धि दुनिया में बांग्लादेश की बढ़ती भूमिका और विश्वसनीयता को दिखाती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि रहमान बातचीत, सहयोग और साझा वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम भूमिका निभाएंगे.' तय क्षेत्रीय रोटेशन व्यवस्था के अनुसार, 81वें सत्र के अध्यक्ष का चुनाव एशिया-प्रशांत समूह से होना था.
दरअसल, खलीलुर रहमान का ये चुनाव ऐसे वक्त में हुआ है, जब दुनिया कई बड़े संघर्षों का सामना कर रही है. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने में विफल रहने के कारण सुरक्षा परिषद पर सवाल उठ रहे हैं. इस चुनाव के एक दिन बाद ही महासभा 2027-28 कार्यकाल के लिए 15-राष्ट्रों वाली सुरक्षा परिषद के पांच नए अस्थायी सदस्यों का भी चुनाव करने वाली है.
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र ने अपने अगले महासचिव की खोज भी शुरू कर दी है, क्योंकि मौजूदा प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल इस साल के अंत में समाप्त हो रहा है.
कौन है खलीलुर रहमान
खलीलुर रहमान ने फरवरी में बांग्लादेश के विदेश मंत्री पद की शपथ ली हैं. इससे पहले वह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रोहिंग्या मुद्दे पर उच्च प्रतिनिधि रह चुके हैं. अपने विजन में खलीलुर रहमान ने छह प्राथमिकताएं रखी हैं, जिसमें ‘साइलेंस द गन्स, एम्प्लीफाई द वॉइसेज’, ‘नो वन लेफ्ट बिहाइंड, नो कंट्री लेफ्ट आउट’, ‘आवर प्लैनेट, आवर पैक्ट’, ‘राइट्स एंड प्रोटेक्शन - फ्रीडम फ्रॉम फियर एंड वांट’, ‘इनोवेशन विद इन्क्लूजन’ और ‘वी द पीपल्स-रीइमैजिन्ड’ शामिल हैं.
मैं ग्लोबल साउथ के उम्मीदवार के रूप में करूंगा काम
UN का अध्यक्ष चुने जाने से पहले रहमान ने अपने विजन स्टेटमेंट कहा, 'मैं ग्लोबल साउथ से आने वाला उम्मीदवार हूं और विकासशील देशों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता हूं, लेकिन प्रेसिडेंट बनने पर मैं सभी देशों का प्रेसिडेंट रहूंगा. मैं बिना किसी डर और पक्षपात के पूरे सदस्य समूह के हित में काम करूंगा.'
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों से भरा होगा. इनमें समुद्र के बढ़ते जलस्तर का खतरा, महामारी से निपटने की तैयारी, विकास का अधिकार और परमाणु निरस्त्रीकरण जैसे विषय शामिल हैं. ये केवल कैलेंडर की तारीखें नहीं हैं, बल्कि ये दिखाने का मौका हैं कि बहुपक्षीय सहयोग ठोस नतीजे दे सकता है. अगर वह अध्यक्ष चुने जाते हैं तो वह सहमति बनाने और सकारात्मक बातचीत को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे.
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बता दें कि बांग्लादेश के कूटनीतिक इतिहास में ये दूसरा मौका है जब देश का कोई नागरिक इस पद पर पहुंचा है. इससे पहले साल 1986 में बांग्लादेश के वरिष्ठ राजनयिक हुमायूं रशीद चौधरी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 41वें सत्र के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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