'हमारा गेहूं चुराकर ले गया रूस, रोको उसे', रूसी जहाज के हाइफा पहुंचने पर भिड़े यूक्रेन-इजरायल

यूक्रेन ने इजरायल से रूसी मालवाहक जहाज को जब्त करने की मांग की है, जिसमें कथित तौर पर यूक्रेन से चोरी किया गया अनाज लदा है. यह जहाज हाइफा बंदरगाह पर है और यूक्रेन का आरोप है कि रूस अवैध रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों से अनाज निकालकर बेच रहा है.

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यूक्रेन और इजरायल के बीच रूसी जहाज को लेकर तनाव बढ़ गया है (Photo: Reuters) यूक्रेन और इजरायल के बीच रूसी जहाज को लेकर तनाव बढ़ गया है (Photo: Reuters)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:19 PM IST

यूक्रेन ने इजरायल से कहा है कि वो उसके यहां पहुंचे रूसी जहाज को जब्त करे. यूक्रेन का दावा है कि मालवाहक जहाज पर उसके यहां से चोरी किया गया अनाज लदा है और रूस उसे बेच रहा है. इससे पहले भी रूस के एक मालवाहक जहाज ने इजरायल के हाइफा बंदरगाह पर बिना किसी रोक-टोक अपना माल उतारा था जिसे लेकर यूक्रेन नाराज है. अब फिर से ऐसा ही हो रहा है जिसे लेकर उसने इजरायल से मांग की है कि रूसी जहाज को जब्त किया जाए.

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यूक्रेन के प्रॉसिक्यूटर जनरल रसलान क्रावचेंको ने बुधवार को टेलीग्राम पर कहा कि 'पैनोरमिटीज' नाम का यह जहाज कथित तौर पर 6,200 टन से अधिक गेहूं और 19,000 टन जौ लेकर जा रहा है. उनका दावा है कि इसमें से कुछ माल रूस ने यूक्रेन के उस हिस्से से लोड किया है जिस पर उसने कब्जा कर रखा है.

समुद्री ट्रैफिक पर निगरानी रखने वाले कई फर्म से पता चलता है कि पनामा के झंडे वाला यह बल्क कैरियर 25 अप्रैल तक हाइफा के पास समुद्री क्षेत्र में पहुंच गया था. पिछले कुछ दिनों में यूक्रेन-इजरायल के बीच इस जहाज को लेकर कूटनीतिक विवाद तेज हो गया था जिससे यह जहाज अभी भी बंदरगाह पर लगने का इंतजार कर रहा है.

पहले डिप्लोमैटिक तरीका अपनाया फिर यूक्रेन ने सोशल मीडिया पर इजरायल से की डिमांड

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यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बुधवार को कहा कि उनके देश ने कूटनीतिक और कानूनी माध्यमों के जरिए इजरायल से औपचारिक रूप से संपर्क किया है और पैनोरमिटीज जहाज पर कार्रवाई की मांग की है.

उन्होंने कहा, 'यूक्रेन के प्रॉसिक्यूटर जनरल ऑफिस ने एक यूक्रेनी अदालत के आदेश के आधार पर इजरायली अधिकारियों से जहाज को जब्त करने का अनुरोध किया है.'

सिबिहा ने दोहराया कि 'इस जहाज पर ऐसा अनाज होने का संदेह है जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून और यूक्रेनी कानूनों का उल्लंघन करते हुए कब्जे वाले क्षेत्रों के बंद बंदरगाहों से अवैध रूप से भेजा गया है.'

प्रॉसिक्यूटर जनरल क्रावचेंको ने कहा कि यूक्रेन ने इजरायल से जहाज और उसके माल को जब्त करने, तलाशी लेने, डॉक्यूमेंट्स कब्जे में लेने, अनाज के नमूने लेने और क्रू से पूछताछ करने की मांग की है.

यूक्रेन के ट्वीट से भड़क गया इजरायल

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सआर ने सिबिहा की पोस्ट पर कुछ ही मिनटों में प्रतिक्रिया देते हुए यूक्रेन की आलोचना की और इसे 'ट्विटर डिप्लोमेसी' बताया.

उन्होंने कहा, 'उम्मीद की जाती है कि ट्वीट करने से पहले कानूनी अनुरोध किए जाएं. लेकिन यूक्रेन ने अपने कारणों से अलग रास्ता चुना है.'

सआर ने कहा कि यूक्रेन ने गिरफ्तारी का अनुरोध मंगलवार देर रात भेजा और अब बिना रुके एक और ट्वीट कर दिया. उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी इस अनुरोध की जांच कर रहे हैं.

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यूक्रेन के एक वरिष्ठ कूटनीतिक सूत्र ने यूरोन्यूज से कहा कि अगर इजरायल ने यूक्रेन के रिक्वेस्ट का जवाब डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए दे दिया होता तो ट्वीट करने की जरूरत नहीं पड़ती.

कीव स्थित सूत्रों के अनुसार, यूक्रेनी अधिकारी पिछले कम से कम डेढ़ महीने से इजरायल से यह अपील कर रहे थे कि वो कब्जे वाले इलाकों से रूस के लिए गए अनाज को न खरीदे.

यूक्रेनी सूत्रों ने यह भी कहा कि इजरायल जहाज या उसके माल की प्रकृति पर टिप्पणी करने के बजाय ट्वीट को मुद्दा बना रहा है. उन्होंने कहा, 'जब किसी भी प्रयास से नतीजा नहीं निकला, तो हमने इसे सार्वजनिक करने का फैसला किया.'

कब-कब इजरायल पहुंचा रूसी माल?

यूक्रेन ने रूस के कथित रूप से चोरी कर बेचे गए यूक्रेनी अनाज की दो खेपों को लेकर इजरायल के साथ अपनी आधिकारिक बातचीत की पूरी समय-रेखा भी जारी की.

पहली खेप 15 अप्रैल को हाइफा बंदरगाह पर उतारी गई थी. तब रूसी झंडे वाले जहाज अबिंस्क ने करीब 44,000 टन गेहूं इजरायल पहुंचाया था.

यूक्रेन ने बताया कि उसने इस जहाज को लेकर 23 अप्रैल को पहली बार इजरायल से औपचारिक बातचीत की थी, जब उसके राजदूत और इजरायली विदेश मंत्रालय के बीच बैठक हुई थी.

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इसके बाद यूक्रेनी राजनयिकों ने चोरी किए गए अनाज और जहाज के संबंध में एक आधिकारिक नोट भी सौंपा और बातचीत लगातार जारी रही.

20 अप्रैल को, जब अबिंस्क अपना माल उतारकर हाइफा से रवाना हो गया, तब यूक्रेन को इजरायल की ओर से एकमात्र आधिकारिक जवाब मिला.

इजरायल ने रूसी जहाज पर कार्रवाई से किया इनकार

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वो इस अवैध व्यापार को रोकने या जहाजों और माल को जब्त करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाएगा. उसने यह तर्क दिया कि जहाज इजरायली जलक्षेत्र छोड़ चुका था और यूक्रेन के दिए गए सबूत पर्याप्त नहीं हैं.

पांच दिन बाद, 25 अप्रैल को यूक्रेन के दूतावास ने इजरायल को पैनोरमिटीज जहाज के बारे में बताया, जो हाइफा की ओर बढ़ रहा था.

मंगलवार को यूक्रेन ने इजरायल के राजदूत मिशेल ब्रॉड्स्की को तलब कर रूसी जहाज पर कार्रवाई की मांग की, लेकिन यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार 'इस जानकारी को भी नजरअंदाज कर दिया गया.'

इजरायली मीडिया आउटलेट Haaretz की एक जांच में पाया गया कि इस साल कम से कम चार बार कथित रूप से चोरी किया गया यूक्रेनी अनाज इजरायल में उतारा गया है.

यूक्रेन के अनुमान के अनुसार, 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस अब तक कम से कम 1.5 करोड़ टन यूक्रेनी अनाज अपने कब्जे वाले इलाकों से निकाल चुका है.

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को चेतावनी दी कि जो लोग इस तरह के शिपमेंट से मुनाफा कमाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

यूरोपीय संघ ने भी मंगलवार को कहा कि उसने इजरायल से 'रूसी शैडो फ्लीट के एक जहाज' को लेकर संपर्क किया है, जो कथित तौर पर चोरी किया गया अनाज ले जा रहा था, और वो उन व्यक्तियों तथा संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है जो रूस की मदद कर रहे हैं.

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