7 बच्चों को तड़पा-तड़पा कर मारने वाली नर्स का खौफनाक खुलासा, बोली- मैं पापी....

यूके के एक अस्पताल में सात नवजातों की बेरहमी से हत्या कर देने वाली नर्स का कोर्ट ट्रायल सोमवार से शुरू हो गया है. कोर्ट में पेश हो रही दलीलों में कई खुलासे हुए हैं. पुलिस को आरोपी नर्स के घर से एक नोट भी मिला है, जिसपर नर्स ने लिखा है कि वह पापी है और उसने ही सभी की हत्या की है.

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फोटो- आरोपी नर्स लूसी फोटो- आरोपी नर्स लूसी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 6:06 PM IST

यूके के एक अस्पताल में 7 नवजातों को मौत के घाट उतारकर 15 और मासूमों की जान लेने की कोशिश करने वाली नर्स को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, इस मामले में जांच कर रही टीम को आरोपी नर्स के घर से एक नोट मिला है, जिसमें नर्स ने लिखा है कि वह पापी है, उसने ही यह सब किया है. इसके साथ एक दूसरे नोट में लिखा, 'मैं जीने लायक नहीं हूं. मैं उनका ठीक से ध्यान नहीं रख पा रही थी, इसलिए उन्हें मार दिया. मैं एक भयंकर पापी इंसान हूं.'  

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32 साल की आरोपी नर्स लूसी पर मौजूदा समय पर 22 केस दर्ज किए गए हैं. नर्स पर आरोप है कि उसने 7 नवजातों की हत्या कर दी, जिनमें पांच नवजात लड़के और दो लड़कियां थीं. लूसी ने यह हत्याएं काउंटेस ऑफ चेस्टर अस्पताल में साल 2015 से 2016 के बीच कीं. इतना ही नहीं, 15 ऐसे बच्चे भी हैं, जिन्हें उसने मारने की कोशिश की थी, लेकिन किस्मत से इन बच्चों की जान बच गई. साल 2018 में आरोपी नर्स की गिरफ्तारी की गई थी.

सोमवार से आरोपी नर्स का मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट में ट्रायल शुरू हो गया है, जिसमें लूसी को लेकर कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. हालांकि, कोर्ट में लूसी ने खुद को सभी मामलों में निर्दोष बताया है, लेकिन उनके घर से मिली चीजों ने सबको ही हैरान कर दिया है.

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पुलिस को नर्स के घर से मिले खास सबूत
बच्चों की हत्याओं के इस केस में अभियोक्ता निक जॉनसन ने कहा कि जिस तरह के नोट्स आरोपी नर्स के घर से बरामद हुए हैं, इससे साफ होता है कि वह किसी भी तरह से बेगुनाह नहीं है. अभियोक्ता ने बताया कि पुलिस को आरोपी नर्स के घर से कई तरह के डॉक्युमेंट मिले, जो उन सभी बच्चों से जुड़े थे, जिनकी मौत हुई थी. कोर्ट में अभियोक्ता ने उस नोट को भी पेश किया, जिसमें नर्स ने लिखा था कि वह एक पापी है और उसी ने यह किया है. 

सोमवार से शुरू हुए ट्रायल को लेकर कहा जा रहा है कि इस मामले की सुनवाई अभी अगले 6 महीने तक और चल सकती है. ट्रायल के दौरान यह भी बताया गया कि आरोपी नर्स बच्चों पर हमला करने के लिए अलग-अलग तरीके आजमाती थी. इन तरीकों में इंजेक्शन के द्वारा जहर देना, नवजातों के खून में हवा भरना भी शामिल था, जिससे उनकी सांस रुक जाए और तड़प-तड़प कर मौत हो जाए. 

नर्स ने जिन नवजातों को अपना शिकार बनाया, वो या तो समय से पहले पैदा हो गए या फिर जुड़वा थे. इसी वजह से बच्चों को अतिरिक्त देखभाल के लिए ज्यादा समय के लिए अस्पताल रखा गया था. नर्स का शिकार हुआ एक नवजात तो सिर्फ एक दिन का ही था.

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आरोपी पक्ष बोला- बिना सुनवाई सजा देना गलत
वहीं आरोपी पक्ष के वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि बिना सुनवाई के ही उसके मुवक्किल को सजा देना गलत है. आरोपी नर्स के वकील ने कोर्ट ने बताया कि जिन बच्चों की मौत का आरोप नर्स पर लगा है, उनमें से कुछ ऐसे मामले भी थे, जिनकी मौत का कारण साफ नहीं है.

डिफेंस वकील ने कहा कि लूसी अपने काम को लेकर समर्पित नर्स थी, जो सिर्फ उन नवजातों का ध्यान रख रही थी. वकील ने कहा कि नर्स लूसी ने किसी भी बच्चे को जानबूझकर नुकसान नहीं पहुंचाया है. 

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