दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को उम्रकैद की सजा, देश में लगाया था मार्शल लॉ

दक्षिण कोरिया की अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को 2024 में मार्शल लॉ लागू करने और विद्रोह की साजिश रचने का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. उनके आपातकालीन कदम ने देश में गंभीर राजनीतिक संकट पैदा कर दिया था.

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दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल (Photo-AP) दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल (Photo-AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने उन्हें 2024 में देश में मार्शल लॉ लागू करने, सत्ता के दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश रचने का दोषी पाया. इस मामले में उन्हें मृत्युदंड तक की सजा हो सकती थी, लेकिन अदालत ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया.

65 वर्षीय यून सुक येओल ने दिसंबर 2024 में सेना और पुलिस बलों को सक्रिय कर संसद पर नियंत्रण की कोशिश की थी. आरोप है कि उन्होंने उदारवादी बहुमत वाली नेशनल असेंबली को अवैध तरीके से कब्जे में लेने की कोशिश की. उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह कदम "राष्ट्र विरोधी ताकतों" को रोकने के लिए जरूरी था, जो उनके एजेंडे को बाधित कर रही थीं.

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मार्शल लॉ करीब छह घंटे तक लागू रहा था. भारी हथियारों से लैस सैनिकों और पुलिस ने संसद भवन की घेराबंदी कर दी थी. हालांकि सांसदों ने अवरोध तोड़ते हुए भीतर पहुंचकर सर्वसम्मति से मार्शल लॉ हटाने के पक्ष में मतदान किया था, जिसके बाद आपात आदेश वापस लेना पड़ा. इस घटना ने देश में गहरा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया था.

दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं

जनवरी में अभियोजकों ने यून के लिए मृत्युदंड की मांग की थी. उनका कहना था कि "असंवैधानिक और अवैध मार्शल लॉ ने नेशनल असेंबली और चुनाव आयोग के कामकाज को कमजोर किया और उदार लोकतांत्रिक संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने का प्रयास किया." हालांकि दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई है और इसे व्यवहारिक रूप से मृत्युदंड पर रोक माना जाता है.

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पूर्व राष्ट्रपति का साथ देने वालों पर भी कार्रवाई

अदालत ने मार्शल लॉ लागू कराने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया. पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को इस योजना की केंद्रीय भूमिका और सेना को सक्रिय करने के लिए 30 साल की जेल की सजा दी गई.

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यून को पिछले महीने गिरफ्तारी का विरोध करने, मार्शल लॉ की घोषणा से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर करने और कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्ण कैबिनेट बैठक किए बिना आपात आदेश जारी करने के मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई गई थी.

पूर्व प्रधानमंत्री को अन्य केस में पाया गया दोषी

सियोल सेंट्रल कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक सू समेत दो अन्य कैबिनेट सदस्यों को भी अलग मामलों में दोषी ठहराया. हान डक सू को 23 साल की सजा दी गई है. उन पर आरोप था कि उन्होंने कैबिनेट बैठक के जरिए आदेश को वैध ठहराने, रिकॉर्ड में हेरफेर करने और शपथ के तहत झूठ बोलने की कोशिश की. उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील दायर की है.

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