अमेरिका ने होर्मुज को घेरा तो चीन ने भी चली अपनी चाल, समुद्र में इस पॉइंट पर लगाई पाबंदी

जहां एक तरफ होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका-ईरान आमने-सामने हैं, वहीं चीन ने साउथ चाइना सी में अपनी पकड़ और मजबूत कर दी है. स्कारबोरो शोल पर नई पाबंदियों ने एक और बड़े टकराव के संकेत दे दिए हैं.

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चीन और फिलीपिंस में स्कारबोरो शोल को लेकर विवाद है. (Photo- ITG) चीन और फिलीपिंस में स्कारबोरो शोल को लेकर विवाद है. (Photo- ITG)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:31 AM IST

मध्य पूर्व में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच, एशिया के दूसरे कोने में चीन ने भी अपनी रणनीतिक चाल चल दी है. दुनिया की नजर जहां तेल के इस अहम रास्ते पर टिकी है, वहीं चीन चुपचाप साउथ चाइना सी यानी दक्षिण चीन सागर में अपनी पकड़ और मजबूत करने में जुटा है.

चीन स्कारबोरो शोल पर पाबंदियां लगाने की कोशिश कर रहा है. यह एक ऐसा समुद्री क्षेत्र है जो लंबे समय से चीन और फिलीपींस के बीच विवाद का केंद्र रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने यहां नावों, कोस्ट गार्ड जहाजों और एक बड़े फ्लोटिंग बैरियर के जरिए एंट्री पॉइंट को लगभग बंद करने की कोशिश की.

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स्कारबोरो शोल सिर्फ एक छोटा सा समुद्री इलाका नहीं है, बल्कि यह मछली पकड़ने के लिए बेहद समृद्ध क्षेत्र माना जाता है. यही वजह है कि फिलीपींस के मछुआरे लंबे समय से यहां आते रहे हैं. लेकिन चीन इस पूरे इलाके को अपना बताता है, जबकि यह फिलीपींस के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन के भीतर आता है.

हालिया घटनाक्रम में देखा गया कि चीन ने करीब 350 मीटर लंबा फ्लोटिंग बैरियर लगाकर इस इलाके के प्रवेश को रोकने की कोशिश की. इसके साथ ही कई चीनी फिशिंग बोट्स और कोस्ट गार्ड जहाज वहां तैनात किए गए. फिलीपींस का आरोप है कि चीन अपने "मैरीटाइम मिलिशिया" के जरिए इस इलाके में लगातार दबाव बना रहा है और उनके मछुआरों को दूर भगा रहा है.

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हालांकि फिलीपींस ने पहले भी ऐसे बैरियर्स हटाए हैं, लेकिन इस बार चीन की मौजूदगी ज्यादा आक्रामक नजर आई. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलीपींस ने भी जवाब में अपने कोस्ट गार्ड और नौसेना के जहाज वहां भेजे हैं, जिससे टकराव का खतरा और बढ़ गया है.

यह तनाव सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं है. अमेरिका भी इस पूरे मामले में फिलीपींस के साथ खड़ा है. हाल ही में दोनों देशों ने इस इलाके के पास संयुक्त सैन्य अभ्यास किए हैं. फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने भी चीन के बढ़ते दबदबे के खिलाफ अमेरिका के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए हैं.

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विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस समय का फायदा उठा रहा है. क्योंकि अमेरिका का फोकस फिलहाल ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर ज्यादा है, ऐसे में चीन साउथ चाइना सी में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

असल में, चीन 2012 से ही स्कारबोरो शोल पर नियंत्रण बनाए हुए है. 2016 में अंतरराष्ट्रीय अदालत ने फिलीपींस के पक्ष में फैसला भी दिया था, लेकिन चीन ने उसे मानने से इनकार कर दिया. तब से यह इलाका लगातार तनाव का केंद्र बना हुआ है.

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अब हालात ऐसे हैं कि एक तरफ मध्य पूर्व में तेल का रास्ता संकट में है, तो दूसरी तरफ एशिया में व्यापार और समुद्री सुरक्षा का एक और बड़ा रूट खतरे में आ सकता है.

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