मारियुपोल से Ground Report: पूरा शहर तबाह, 60% लोग कर चुके पलायन...खाने के लिए लग रहीं लंबी लाइनें

रूसी हमलों से 4 लाख की आबादी वाला मारियुपोल शहर पूरी तरह से तबाह हो चुका है. यहां से अब तक 60% लोग पलायन कर चुके हैं. अभी शहर में सिर्फ 1 40000 लोग ही रह रहे हैं. बमबारी में अब तक 5000 लोगों की जान जा चुकी है.

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रूसी हमले से मारियुपोल में इमारतें तबाह हो गई हैं. रूसी हमले से मारियुपोल में इमारतें तबाह हो गई हैं.

गीता मोहन

  • मारियुपोल ,
  • 30 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 8:28 AM IST
  • रूसी हमलों से मारियुपोल शहर हुआ तबाह
  • लोगों के पास न खाना और रहने के लिए बची जगह

यूक्रेन के कीव, खारकीव और मारियुपोल समेत तमाम शहरों पर रूस के हमले लगातार जारी हैं. रूसी हमलों से मारियुपोल पूरी तरह से तबाह हो चुका है. बमबारी में अब तक 5000 लोगों की जान जा चुकी है. यहां इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है. लोग जान बचाने के लिए पलायन कर रहे हैं. मारियुपोल के मेयर के मुताबिक, शहर से करीब 60% लोग पलायन कर चुके हैं. इतना ही नहीं जो लोग बचे हैं, उन्हें भी खाने-पीने का सामान लेने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. तबाही के मंजर को कैद करने के लिए आजतक की टीम मारियुपोल पहुंची. 

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मारियुपोल में लोगों को खाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. स्टोर पर खाने के लिए लोगों की लंबी लंबी लाइनें लग रही हैं. रूसी हमले से पहले मारियुपोल की आबादी 4 लाख से अधिक थी. लेकिन अब यहां सिर्फ 1,60,000 लोग ही रह गए हैं. बाकी 240000 लोगों ने पलायन कर लिया है. यहां रूसी हमलों के डर से सड़कें भी सुनसान पड़ी हुई हैं. 

 

इन सबके बीच मंगलवार को रूस और यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में बातचीत हुई. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, बातचीत के दौरान सकारात्मक संकेत मिले. हालांकि, उन्होंने कहा, हम अपने रक्षा प्रयासों को कम नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, जब तक युद्ध खत्म नहीं हो जाता, रूस से प्रतिबंध हटाने पर कोई बातचीत नहीं होगी. 

 

बातचीत में रूस ने मंगलवार को कीव और एक अन्य शहर के आसपास सैन्य अभियानों को कम करने का वादा किया. वहीं, अमेरिका ने चेतावनी दी कि खतरा खत्म नहीं हुआ है क्योंकि यूक्रेन ने बातचीत में तटस्थ स्थिति अपनाने का प्रस्ताव रखा है. यूरोपीय देश यूक्रेन में पिछले 1 महीने से ज्यादा वक्त से रूस के हमले जारी हैं. इस हमले में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 40 लाख लोग करीब यूक्रेन छोड़ चुके हैं. 

 

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रूसी उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर फोमिन ने मंगलवार को कहा, कीव और चेर्निहाइव में सैन्य गतिविधियां कम करने का फैसला किया गया है. हालांकि, उन्होंने मारियुपोल, सूमी और खारकीव, खेरसॉन, मायकोलाइव समेत अन्य शहरों को लेकर कोई बयान नहीं दिया. 

 

मारियुपोल पूरी तरह से तबाह हो चुका है. यहां लोग मुश्किल स्थितियों में रहने को मजबूर हैं. लोगों का कहना है कि उनका शहर काफी सुंदर था. लेकिन अब सब कुछ तबाह हो गया है. शहर में अब न खाना है, न लाइट. लोगों को पानी, कनेक्टिविटी के लिए भी काफी परेशान होना पड़ रहा है. यहां लोग लकड़ियां जलाकर कुछ जरूरतें पूरी कर रहे हैं. वहीं, खाना मदद के तौर पर मिल रहा है. 

 

मारियुपोल का ज्यादातर हिस्सा रूसी कब्जे में है. हर तरफ रूसी सेना और उनके वाहन खड़े नजर आ रहे हैं. कुछ लोग शहर इसलिए नहीं छोड़ पा रहे हैं. क्योंकि वे कॉरिडोर को सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं. लोग अपने घरों के आस पास ही लोगों को दफना रहे हैं, क्योंकि वे कब्रिस्तान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. मेट्रो पर स्थित स्टोर पर लोगों की लंबी लंबी लाइनें लग रही हैं. स्टोर को युद्ध के वक्त राहत कैंप बनाया गया है. 

 

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