'दोनों बॉर्डर पर एक जैसे दुश्मन...', PAK रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ बोले- दिल्ली-काबुल में फर्क नहीं

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को धमकी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लिखित आश्वासन देने से इनकार कर रहा है, अगर वहां से हमले नहीं रुकते हैं तो युद्ध होगा. उन्होंने काबुल-दिल्ली को एक जैसा दुश्मन बताया.

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे दोनों ही बॉर्डर पर एक जैसे दुश्मन है. (Photo: ITG) पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे दोनों ही बॉर्डर पर एक जैसे दुश्मन है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:41 PM IST

बड़बोले बयान के लिए चर्चा में रहने वाले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर से जहरीली बयानबाजी की है.  ख्वाजा आसिफ ने  इस्लामाबाद में पाकिस्तानी संसद को संबोधित करते हुए कहा, "दिल्ली और काबुल में कोई फर्क नहीं है." उन्होंने कहा कि एक ही दुश्मन इस समय पाकिस्तान की पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर बैठा है. 

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ख्वाजा आसिफ ने शेखी बघारते हुए कहा कि कहा कि पाकिस्तान काबुल को उसी तरह जवाब देगा जैसे उसने भारत को दिया था. 

इससे पहले कई बार हल्की बयानबाजी कर चुके ख्वाजा आसिफ ने कहा कि काबुल सरकार भारत की "प्रॉक्सी" बन गई है और वह पाकिस्तान को बॉर्डर पार आतंकवाद के बारे में कोई पक्का भरोसा देने को तैयार नहीं है. 

आसिफ ने कहा, "काबुल हमें आतंकवाद रोकने की कोई गारंटी नहीं दे रहा है." उन्होंने कहा कि अफगान अधिकारियों ने सिर्फ ज़ुबानी वादे किए हैं और वे लिखकर भरोसा देने को तैयार नहीं हैं. 

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान को धमकी देने का ढोंग रचते हुए कहा, "अगर वे आतंकवादियों को सपोर्ट करना बंद नहीं करते हैं, तो युद्ध होगा." उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कतर, सऊदी अरब और तुर्की को शामिल करके बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की थी. 

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ख्वाजा आसिफ ने एकतरफा बयान देते हुए कहा कि हमने तीन देशों के सपोर्ट से उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की.

अफगानिस्तान पर दोष मढ़ने वाले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने यह नहीं कहा कि जब अफगानिस्तान ने उससे ये गारंटी मांगी कि उसकी जमीन से काबुल पर हमले न हो तो पाकिस्तान इससे मुकर गया. 

ख्वाजा आसिफ ने कहा, "हमारी सेना बिना किसी शर्त के कुर्बानी दे रही है," और कहा कि बॉर्डर पर अपनी जान देने वाला हर नागरिक पाकिस्तान की पहचान है. 

हाल के सालों में पड़ोसी देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए हैं क्योंकि पाकिस्तान ने तालिबान पर बार-बार दबाव डाला है कि वह पक्का करे कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल इस्लामाबाद के खिलाफ आतंकवाद के लिए न हो. लेकिन पाकिस्तान काबुल को ऐसा कोई भी वादा करने से इनकार करता है.  
 

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