वकील ने छोड़ा केस, परेशान नवाज शरीफ बोले- फांसी दो या जेल भेज दो

शरीफ ने आगे कहा कि अब तक ख्वाजा हरीस केस को अच्छी तरह से समझते थे, अब इस स्थिति में एक नये वकील को नियुक्त करना कोई आसान काम नही है.

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नवाज शरीफ नवाज शरीफ

विकास जोशी

  • इस्लामाबाद,
  • 12 जून 2018,
  • अपडेटेड 10:23 PM IST

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री आम चुनावों से ठीक पहले एनएबी (नेशनल अकांउटेबिलिटी ब्यूरो) द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दायर किए भष्ट्राचार के विभिन्न मामलों को झेल रहे है. इस केस में नवाज शरीफ को एक और झटका लगा है.

नवाज शरीफ के वकील ख्वाजा हैरिस ने इस केस को लड़ने से इनकार कर दिया है. यह घटना सोमवार की है, जब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया कि इस मामले की सुनवाई शनिवार सहित सप्ताह के प्रत्येक दिन होगी. इसके बाद शरीफ के वकील इस केस से हट गए.

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सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद पाकिस्तान के नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आपत्ति दर्ज कराई. शरीफ ने कहा कि मेरे मूलभूत अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थिति में कोई भी वकील इस केस को नहीं लेगा, क्योंकि उसे केस की तैयारी करने का समय नहीं मिलेगा. केस की सुनवाई वीकेंड पर भी हो रही है.

जब केस के जज मोहम्मद बशीर ने कोर्ट में सुनवाई शुरु की, तब शरीफ ने जज से कहा, 'मेरे वकील ने केस से खुद को हटा लिया है. मेरा मूलभूत अधिकार है कि मैं अपनी पसंद के हिसाब से एक नया वकील हायर करूं.'

शरीफ ने आगे कहा कि अब तक ख्वाजा हैरिस केस को अच्छी तरह से समझते थे, अब इस स्थिति में एक नये वकील को नियुक्त करना आसान काम नहीं है. 

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शरीफ के बयान के बाद कोर्ट के जज बशीर ने कहा कि ख्वाजा का लिखित आदेश दिया जाए. वकील ख्वाजा को फिर से केस से जुड़ने के लिए मनाया जाए, यदि वो ना मानें तो आप 19 जून तक एक नये वकील को हायर कर सकते हैं.

पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट डॉन के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आगे कहा कि मेरे खिलाफ केस को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है. चीफ जस्टिस इस केस की सुनवाई अपनी ही बेंच में कर सकते हैं और मुझे फांसी की सजा या जेल भेज सकते हैं. उन्होंने कहा कि वह कम से कम 100 बार कोर्ट में पेश हो चुके हैं.

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