'दो देशों की बैठक में चीन का नाम लेना...' मोदी-ट्रंप की मुलाकात पर तिलमिलाया बीजिंग

चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को मोदी और ट्रंप की इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी को भी अपने द्विपक्षीय संबंधों में चीन को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए और उनके सहयोग से किसी अन्य देश के हितों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

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अमेरिका में हुई पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात. अमेरिका में हुई पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:21 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिका के दौरे पर थे. राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी कई मुद्दों पर द्विपक्षीय चर्चा हुई.  इस मुलाकात के  दौरान चीन का भी जिक्र हुआ. अब ट्रंप और मोदी की इस मुलाकात पर चीन की भी बयान सामने आया है. चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को मोदी और ट्रंप की इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी को भी अपने द्विपक्षीय संबंधों में चीन को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए और उनके सहयोग से किसी अन्य देश के हितों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

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दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति और मोदी के बीच वाशिंगटन में हुई बैठक के दौरान रक्षा सहयोग पर काफी विस्तृत चर्चा हुई थी. जिसके बाद चीन को लेकर तमाम तरह की अटकलें भी चल रही हैं. वहीं, वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में, दोनों नेताओं ने दोहराया कि अमेरिका और भारत के बीच घनिष्ठ साझेदारी एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए अहम है और अन्य मुद्दों के बीच क्वाड साझेदारी को मजबूत करने को लेकर बातचीत की.

चीन ने दी ये प्रतिक्रिया

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग में तीसरे देशों को लक्षित नहीं करना चाहिए. रक्षा सहयोग को मजबूत करने के अलावा भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने की ट्रंप की पेशकश पर एक सवाल पर गुओ ने कहा, 'किसी को भी देशों के बीच संबंधों और सहयोग में चीन को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए या गुट की राजनीति और टकराव को भड़काने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.' उन्होंने कहा, चीन का मानना ​​है कि देशों के बीच संबंध और सहयोग किसी तीसरे पक्ष को लक्षित नहीं करना चाहिए या दूसरों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अनुकूल होना चाहिए.

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चीन के सवाल पर क्या बोले थे ट्रंप

दरअसल, इंडिया टुडे ने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा था कि अगर आप भारत के साथ ट्रेड को लेकर इस तरह की सख्ती दिखाते रहेंगे? तो चीन को कैसे मात दे पाएंगे? इस पर ट्रंप ने कहा कि हम किसी को भी मात दे सकते हैं लेकिन हमारा इरादा किसी को मात देने का नहीं है. हम सही दिशा में काम कर रहे हैं और अच्छा काम कर रहे हैं. 

ट्रंप ने कहा कि हमने पहले भी चार साल बेहतरीन काम किया है लेकिन बीच में एक खराब (बाइडेन) सरकार आ गई लेकिन अब एक बार फिर हम अच्छा काम करने के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं और हम मजबूती के साथ आगे बढ़ेंगे.

यह भी पढ़ें: भारत पर सख्त रहेंगे तो चीन को कैसे करेंगे काउंटर, देखें आजतक के सवाल पर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने चीन को बताया अहम देश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अन्य सवाल के जवाब में चीन को महत्वपूर्ण देश बताया था. चीन के साथ संबंधों से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि चीन के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे होंगे. कोविड-19 से पहले तक राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मेरे संबंध बहुत अच्छे थे. ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्धविराम को लेकर कहा कि चीन दुनिया का एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है. मुझे लगता है कि वे यूक्रेन और रूस के साथ इस युद्ध को खत्म करने में हमारी मदद कर सकते हैं.

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भारत सीमा पर हो रही झड़पों से निपट रहा 

इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत का भी जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि मैं भारत को देखता हूं, मैं सीमा पर झड़पों को देखता हूं जो काफी क्रूर हैं. अगर मैं मदद कर सकता हूं, तो मुझे मदद करना अच्छा लगेगा. मुझे उम्मीद है कि चीन, भारत, रूस और अमेरिका हम सभी साथ मिलकर काम कर सकते हैं. ये बहुत जरूरी है.

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