मेक्सिको के स्कूलों में अब क्लास के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है. यह नियम मंगलवार से लागू हो गया है. सरकार का कहना है कि इससे बच्चों का ध्यान पढ़ाई पर रहेगा और मोबाइल की लत कम होगी. हालांकि, सरकार के इस फैसले का कुछ अभिभावक विरोध कर रहे हैं. उन्हें डर है कि देश में बढ़ती हिंसा के बीच वे स्कूल में मौजूद अपने बच्चों से संपर्क नहीं कर पाएंगे.
राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम की सरकार की इस पहल को विशेषज्ञों का समर्थन मिला है. उनका मानना है कि मोबाइल का ज्यादा इस्तमाल बच्चों में तनाव, चिंता और ध्यान भटकाने जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है. सरकार का मकसद बच्चों और किशोरों को डिजिटल प्लेफॉर्म की लत से बचाना है. इस नए नियम के मुताबिक, प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पूरे स्कूल समय के दौरान मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी.
हालांकि, शिक्षक की देखरेख में पढ़ाई के लिए, आपात स्थिति में या दिव्यांगता और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतों के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा. बच्चे स्कूल आते-जाते फोन अपने पास रख सकेंगे.
क्यों हैं अभिभावकों को चिंता
इस फैसले को लेकर अभिभावकों में चिंता है. उनका कहना है कि मेक्सिको में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और ऐसे में बच्चों के पास फोन होना जरूरी है, जिससे वे जरूरत पड़ने पर अपने परिवार से संपर्क कर सकें. वहीं, कुछ माता-पिता ने सरकार पर उनकी चिंताओं को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया है.
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मेक्सिको में बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन REDIM के मुताबिक, इस साल की पहली छमाही में 17 साल तक की उम्र के हर 10 में से एक बच्चे को संगठित अपराध से जुड़ी घटना का सामना करना पड़ा.
इसी बीच सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए भी नए नियम लागू करने जा रही है. इसके तहत सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म को नफरत फैलाने वाली पोस्ट, दुर्व्यवहार, यौन हिंसा, उत्पीड़न और साइबर बुलिंग से जुड़ी सामग्री हटानी होगी. मेक्सिको के शिक्षा मंत्री मारिडो डेलगाडो ने कहा है कि सरकार का मकसद बच्चों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की लत और उससे होने वाली समस्याओं से बचाना है.
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