'खालिस्तानी खुलेआम तलवारें लहराते हैं पोस्टर लगाते हैं', कनाडा के हिंदू परिवार ने बताया खौफनाक सच

कनाडा में रहने वाले एक हिंदू परिवार ने कहा कि यहां खालिस्तानी खुलेआम तलवारें लहराते हैं, पोस्टर लगाते हैं, लेकिन ट्रूडो सरकार ये सब करने दे रही है. उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थित इन लोगों को ऐसा करने के लिए भारी मात्रा में पैसा मिल रहा है.

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खालिस्तानी आतंकी निज्जर की मौत के बाद भारत-कनाडा के बीच संबंधों में कड़वाहट घुल गई है खालिस्तानी आतंकी निज्जर की मौत के बाद भारत-कनाडा के बीच संबंधों में कड़वाहट घुल गई है

अनीषा माथुर

  • ओटावा,
  • 29 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 4:58 AM IST

खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच तनाव जारी है. वहीं पन्नू के वीडियो इस आग में घी का काम कर रहे हैं. ऐसे में कनाडा में रहने वाले हिंदुओं का कहना है कि खालिस्तान की मांग का समर्थन केवल कुछ ही लोग करते हैं, लेकिन 100-200 लोगों को एक साथ लाना और हंगामा खड़ा करना मुश्किल नहीं है. उन्होंने कहा कि जो चंद लोग खालिस्तान समर्थक हैं, उनकी वजह से सभी लोग बदनाम हो रहे हैं.

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सरे स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पिछले दिनों अटैक किया गया था. इस मंदिर की प्रबंध समिति के सदस्य पुरुषोत्तम गोयल ने कहा कि जब अधिकारी हिंसा के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते, तो इससे यह धारणा बनती है कि वे इन लोगों का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि यहां तोड़फोड़ हुई है लेकिन उसके खिलाफ क्या एक्शन लिया गया, क्या किसी पर आरोप लगाया गया है, इसकी जानकारी नहीं मिली है.

उन्होंने बताया कि कनाडा के फ्रेजर में 20 गुरुद्वारे हैं, लेकिन खालिस्तानी समर्थकों के कब्जे में सिर्फ 2 गुरुद्वारे हैं, लेकिन बाकी लोग उनके खिलाफ बोलने से डरते हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग ISI द्वारा वित्त पोषित हैं, उन्हें कहीं से AK-47 मिल रहे हैं और इससे अराजकता और भय पैदा हो रहा है.

कनाडा के लोगों में बढ़ रहा डर 

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क्या इन घटनाओं से लोग डर रहे हैं, इसके जवाब में पुरुषोत्तम गोयल ने कहा कि मार्च में जब भारत से उच्चायुक्त यहां आए थे, तो उनका किसी जगह पर डिनर का प्रोग्राम था, खालिस्तानी वहां पहुंच गए और लोगों पर भी हमला किया था. लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. सिर्फ लोगों को तितर-बितर किया. इससे लोगों में खासकर हिंदुओं में एक डर बैठ गया कि अगर पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी. तो कानून व्यवस्था ही ठप हो जाएगी. इसका गलत मैसेज गया.

कनाडा के सरे स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर की प्रबंध समिति के सदस्य पुरुषोत्तम गोयल

ट्रूडो का बयान गैर जिम्मेदारी भरा था

गोयल ने कहा कि मंदिर पर अटैक करने वाले लोगों की तस्वीरें कैमरे में कैद है. लेकिन सरकार की ओर से उन लोगों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है. इससे हालात बिगड़ रहे हैं. क्योंकि लोगों को समझ आ रहा है कि सरकार भी उन लोगों के साथ है. उन्होंने कहा कि ट्रूडो के हालिया बयान के बाद तो हालात और भी खराब हो गए हैं. उन्होंने गैर जिम्मेदारी भरा बयान दिया था. पुरुषोत्तम गोयल ने कहा कि जगमीत सिंह हिंसक खालिस्तान आंदोलन का समर्थन करते हैं. इतना ही नहीं, ट्रूडो सरकार उनके समर्थन में खड़ी है इसलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं.

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सरकार खालिस्तानियों का साथ दे रही

कनाडा में रहने वाले एक हिंदू परिवार ने कहा कि यहां खालिस्तानी खुलेआम तलवारें लहराते हैं, पोस्टर लगाते हैं, लेकिन ट्रूडो सरकार ये सब करने दे रही है. उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थित इन लोगों को ऐसा करने के लिए भारी मात्रा में पैसा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सरे में रहने वाले लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं. ट्रूडो सरकार भले ही खालिस्तानियों पर कार्रवाई करने की बात करती है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है. यहां की सरकार उनके खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लेती है. उन्होंने कहा कि शरीफ आदमी यहां के सामने आ कर बोलना नहीं चाहता. 

सिर्फ 5 फीसदी खालिस्तानी फैला रहे आतंक

सरी के टैक्सी ड्राइवर रोहित शर्मा ने कहा कि यहां दो लड़के और दो लड़की यहां आए और खालिस्तान के पोस्टर लगाकर चले गए, मंदिर पर हमले के बाद एक सामुदायिक बैठक बुलाई, इसमें स्थानीय राजनीतिक लोगों को बुलाया गया, लेकिन कोई नहीं आया. कुछ लोग पूरे समुदाय की छवि खराब कर रहे हैं. हम मंदिर और गुरुद्वारे दोनों जाते हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ 5 फीसदी लोग ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ट्रूडो ने सिख कम्युनिटी के वोट लेने के लिए संसद में ऐसा बयान दिया था. 

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कनाडा के टैक्सी ड्राइवर रोहित शर्मा

सरे में कई ंमंदिरों पर हुए अटैक

रोहित ने बताया कि यहां एक नहीं, कई मंदिरों पर अटैक हो चुके हैं. लेकिन इसे लेकर कोई आगे नहीं आ रहा है. लोगों में डर है. उन्होंने कहा कि 5 फीसदी खालिस्तानी हमारे कार्यक्रम के दौरान आ जाते हैं, और नारेबाजी करते हैं. ये लोग कुछ लोगों से चंदा लेते हैं और आराम की जिंदगी जीते हैं. 

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