'भुलावे में मत रहना, इस बार दोगुनी ताकत से...', नेतन्याहू ने ईरान को दे दी वॉर्निंग

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हम हर तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं. मैं केवल एक बात कह सकता हूं और यह बात मैं ईरान के नेताओं से कहना चाहता हूं कि अगर आप हम पर हमला करते हैं, तो यह मत समझिए कि सब कुछ शांत रहेगा.

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नेतन्याहू की ईरान को वॉर्निंग (Photo: Reuters) नेतन्याहू की ईरान को वॉर्निंग (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:28 PM IST

होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान एक बार फिर आमने-सामने हैं. दोनों ओर से लगातार हमले हो रहे हैं. पूरा खाड़ी क्षेत्र तनाव के दौर से गुजर रहा है. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है.

नेतन्याहू ने नेगेव समिट के दौरान ईरान सरकार को वॉर्निंग देते हुए कहा कि अगर आप हम पर हमला करते हैं, तो यह मत समझिए कि सब कुछ शांत रहेगा. यह भी मत सोचिए कि पिछली बार जैसा ही होगा. ऐसा बिल्कुल नहीं होगा. इस बार की प्रतिक्रिया अलग होगी और कहीं अधिक शक्तिशाली होगी.

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उन्होंने कहा कि हम हर तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं. मैं केवल एक बात कह सकता हूं और यह बात मैं ईरान के नेताओं से कहना चाहता हूं कि अगर आप हम पर हमला करते हैं, तो यह मत समझिए कि सब कुछ शांत रहेगा. इस बार पिछली बार जैसा कुछ नहीं होगा बल्कि उससे कहीं अधिक भयावह होगा. इस बार की प्रतिक्रिया अलग होगी और उससे कहीं अधिक ताकतवर होगी.

नेतन्याहू ने कहा कि वे दिन अब खत्म हो चुके हैं जब कोई हमें नुकसान पहुंचाए और हम उसका जवाब दोगुनी ताकत से न दें. हमने ईरान के 'एक्सिस ऑफ ईविल' के खिलाफ ऐसा किया है और जो भी हमें नुकसान पहुंचाएगा, उसके खिलाफ आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे. यही हमारा तरीका है.

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा शुरू हुई जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी भी जारी है. ट्रंप ने ईरान के साथ पिछले महीने हुए MoU को महज महज टेस्ट करार देते हुए कहा कि वो इससे बाहर निकलना पसंद करेंगे.

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ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका में ये एक स्टैंडर्ड टैक्टिक है कि आप पहले समझौते पर साइन करते हैं और फिर फाइनल समझौते की तरफ बढ़ते हैं. मैंने तो कहा था कि पहले सीधे फाइनल समझौते पर ही जाओ लेकिन क्या आप जानते हैं, ये एक तरह का टेस्ट था और वो (ईरान) इसके लिए तैयार नहीं थे. उन्होंने इस टेस्ट का सम्मान नहीं किया.

बता दें कि पिछले महीने ही ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर समझौता हुआ था. इसके तहत परमाणु मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया था. लेकिन अब ये समझौता पूरी तरह से टूट चुका है और मिडिल-ईस्ट में दोनों पक्षों की ओर से दोबारा एयरस्ट्राइक शुरू हो गई है.

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