अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही जंग को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि फिलहाल अमेरिका की पहली प्राथमिकता ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करना है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह जंग खत्म होने के बाद अमेरिका अपनी विदेश नीति का ध्यान क्यूबा की ओर कर सकता है.
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने यह बात कही. यह कार्यक्रम फुटबॉल क्लब इंटर मायामी सीएफ की जीत के जश्न के लिए रखा गया था. इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि अभी अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर है.
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राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम पहले इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं. लेकिन उसके बाद ज्यादा समय नहीं लगेगा जब अमेरिका का ध्यान क्यूबा की ओर जाएगा." उन्होंने यह भी कहा कि क्यूबा अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है और वहां रहने वाले कई लोग भविष्य में अपने देश लौट सकते हैं.
तय समय से पहले अमेरिका-इजरायल को बढ़त
ईरान के साथ चल रही जंग को लेकर ट्रंप ने काफी आत्मविश्वास दिखाया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल मिलकर दुश्मन को तेजी से कमजोर कर रहे हैं. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना और इजरायल की सेना मिलकर युद्ध में तय समय से पहले ही बड़ी बढ़त हासिल कर चुकी हैं.
ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचा है. उनके अनुसार ईरान की वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसका एयर डिफेंस सिस्टम भी कमजोर हो गया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है.
ईरान के 24 जहाजों को नष्ट किया गया- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक अमेरिका ने सिर्फ तीन दिनों में ईरान के 24 जहाजों को नष्ट कर दिया. हालांकि उन्होंने इन सैन्य अभियानों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है.
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ट्रंप ने यह भी कहा कि अब ईरान बातचीत के लिए तैयार होता दिख रहा है. उनके मुताबिक ईरानी नेता अब अमेरिका से समझौते की बात कर रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से संदेश आ रहे हैं कि वे युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं.
ईरान भुगतेगा गंभीर परिणाम
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अभी युद्ध जारी रखने के मूड में है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संघर्ष जारी रहा तो ईरान को और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. इस बीच ट्रंप ने वैश्विक तेल बाजार पर भी बात की. उन्होंने कहा कि युद्ध के बावजूद तेल की कीमतें अब काफी हद तक स्थिर हो गई हैं. हालांकि उन्होंने माना कि इस संघर्ष के कारण अमेरिका को अपनी कुछ प्राथमिकताएं बदलनी पड़ी हैं.
ट्रंप के इस बयान के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि अगर ईरान का युद्ध खत्म होता है तो अमेरिका की अगली रणनीति क्या होगी और क्या सच में उसका ध्यान क्यूबा की ओर जाएगा.
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