अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग भीषण रूप ले चुकी है. अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान भी ताबड़तोड़ अटैक कर रहा है. इस बीच, ईरान और अमेरिकी के बीच जुबानी जंग भी जारी है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तंज कसते हुए कहा है कि अमेरिका का बिना लड़े मन नहीं लगता.
IRGC ने अमेरिकी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, 'जालिम और वॉर लवर अमेरिकी सरकार ने अपनी स्थापना के बाद से शायद ही कभी जंग और सैन्य क्रूरता के बिना समय बिताया है. उसने इस्लाम के योद्धाओं से मिली हालिया हार से कोई सबक नहीं सीखा है और अपनी आक्रामकता जारी रखी है.'
ईरान ने दावा किया है कि इस आक्रामकता के जवाब में आईआरजीसी के एयरोस्पेस योद्धाओं ने अपने जवाबी हमले के दूसरे फेज को अंजाम दिया है. इस कार्रवाई के तहत बहरीन में स्थित 'शेख ईसा' अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया है.
ईरान ने तबाह किए अमेरिकी सैन्य ठिकाने
ईरान के मुताबिक, इस हमले में अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर मरम्मत और रखरखाव केंद्रों, पी-8 (P-8) इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर विमान हैंगर और अमेरिकी सेना के ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है.
इससे पहले, ईरान ने अपने तटीय ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में पहले चरण की कार्रवाई की थी. इसके तहत ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी कमांड सेंटर, कुवैत में हिमार्स (HIMARS) मिसाइल लॉन्चर सिस्टम, ओमान में एयरक्राफ्ट कैरियर सपोर्ट प्लेटफॉर्म और कतर में जेट मेंटेनेंस सेंटर पर भारी हमले किए थे.
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को रोका
इस भीषण हमलों के बीच, ईरानी सेना ने बताया कि उसकी नौसेना ने कल रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक विशेष ऑपरेशन चलाया था. इस ऑपरेशन के दौरान दो उल्लंघन करने वाले जहाजों को रोका गया. ईरान का आरोप है कि इन जहाजों ने अपने सिस्टम बंद कर दिए थे, जिससे इस होर्मुज में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया था.
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