इस दफे ईरान का प्रतिकार! जॉर्डन पर हमले में कई अमेरिकी सैनिक जख्मी, पैट्रियट इंटरसेप्टर फेल

ईरान ने जॉर्डन में स्थित जिस अमेरिकी बेस पर हमला किया है वह एक अहम मिलिट्री ठिकाना है जो इंटरनेशनल मिलिट्री ऑपरेशन्स के लिए मुख्य केंद्र का काम करता है, जिसमें अमेरिका और NATO सहयोगियों के नेतृत्व वाले ऑपरेशन्स भी शामिल है.। अम्मान से लगभग 100 किलोमीटर पूर्व में रणनीतिक रूप से स्थित इस बेस में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है.

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ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. (Photo: X/Clash report) ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. (Photo: X/Clash report)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:34 PM IST

अमेरिका और ईरान ने शुक्रवार रात एक-दूसरे के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों पर हमले किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार तड़के बताया कि लगातार सातवीं रात किए गए हमलों में निगरानी साइट, मिलिट्री लॉजिस्टिक, अंडरग्राउंड आर्म्स स्टोरेज फैसिलिटी को निशाना बनाया गया. हालांकि ईरान के जवाबी हमले में कई अमेरिकी सैनिक जख्मी हुए हैं.

CBS न्यूज़ को कई अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस हफ़्ते ईरान ने जॉर्डन में कम से कम दो सैन्य ठिकानों पर हमला किया जिसमें कई अमेरिकी सैनिक घायल हो गए. हालांकि घायल अमेरिकी सैनिकों डिटेल अभी तक नहीं आई है.

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ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए हैं. IRGC ने सीरिया, कुवैत, ओमान, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद ठिकानों पर हमले का दावा किया.

अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कम से कम दो जॉर्डन के ठिकानों पर हुए हमलों में "कई अमेरिकी सैनिक घायल" हुए.  किसी अमेरिकी या जॉर्डन के सैनिक की मौत की खबर नहीं है; घायल सैनिकों की संख्या और उनकी चोटों की गंभीरता के बारे में अभी साफ़ जानकारी नहीं है. 

अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक इन चोटों की पुष्टि नहीं की है और न ही  इस रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया दी है. अमेरिकी लड़ाकू विमान अक्सर जॉर्डन के सैन्य ठिकानों से उड़ान भरते हैं, लेकिन अमेरिका अपनी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी ठिकानों की जानकारी सार्वजनिक नहीं करता है. 

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जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी

जॉर्डन में अमेरिका की मुख्य सैन्य उपस्थिति Muwaffaq Salti Air Base में है जो रॉयल जॉर्डनियन एयर फोर्स की बेस है लेकिन अमेरिका ने इसे काफी अपग्रेड और विस्तारित किया है. 

Iranian IRBM strike apparently hit the troop billeting area at Muwaffaq Al Salti Air Base in Jordan.

The shelters there are just concrete culverts behind Texas barriers — meant to contain fragments and fire, not stop direct missile hits.

The base hosts US forces.

Potential… pic.twitter.com/YLYbsd3R04

— Clash Report (@clashreport) July 18, 2026

यहां अमेरिकी फाइटर जेट्स ड्रोन्स और सपोर्ट फोर्सेज तैनात रहते हैं और हाल के समय में इसे ईरान पर संभावित कार्रवाई के हब के रूप में भी इस्तेमाल किया गया.  इसके अलावा Tower 22 नाम का एक छोटा आउटपोस्ट उत्तर पूर्वी जॉर्डन में सीरिया बॉर्डर के पास है. इस अलावा प्रिंस हसन एयर बेस, किंग फैजल एयर बेस और कुछ अन्य ट्रेनिंग तथा बॉर्डर पोस्ट्स पर भी अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं. 

कुल मिलाकर जॉर्डन में अमेरिका के लगभग तीन से चार हजार सैनिक तैनात हैं. शनिवार और इससे पहले  ईरान ने जॉर्डन में अमेरिका से जुड़े दो ठिकानों पर हमले किए. इनमें Muwaffaq Salti Air Base और Prince Hassan Air Base शामिल है. 

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ईरान का कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में हमला

ईरान के दावे के अनुसार बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से इन बेस पर हमला किया गया जहां फाइटर जेट्स कमांड सेंटर और ड्रोन हैंगर को निशाना बनाया गया. जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ मिसाइलों को रोक लिया लेकिन अमेरिकी सैनिकों को चोटें पहुंची. 

ईरान का दावा है कि उसने कुवैत में कैंप अल-उदेइरी और अली अल-सलेम एयर बेस, जॉर्डन में अल-अज़राक एयर बेस और बहरीन में शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान के अनुसार इन हमलों में गोला-बारूद के गोदामों, विमानों के शेल्टर, ईंधन भंडारण की जगहों, मुख्यालय की इमारतों और रणनीतिक पुलों को निशाना बनाया. 

जॉर्डन स्थित अमेरिका का Muwaffaq Salti Air Base.

IRGC ने अलग से दावा किया कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने जॉर्डन के मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस पर तैनात अमेरिकी फाइटर जेट्स को निशाना बनाया.  

ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस अकाउंट्स से जारी फुटेज में दिख रहा है कि जैसे ही मिसाइलें बेस के पास पहुंचती हैं, कई MIM-104 पैट्रियट इंटरसेप्टर लॉन्च किए जाते हैं और उसके बाद कम से कम दो बार टकराने जैसी घटनाएं होती हैं. यानी कि पैट्रियल इंटरसेप्टर ईरान के सभी मिसाइलों को रोकने में फेल रहते हैं.

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🚨🇯🇴 Footage appears to show two Iranian ballistic missiles beating air defenses and impacting near Jordan's main U.S. airbase.

-The video, unverified, appears to capture two missiles slipping past interceptors and hitting, with reports pointing to the area around Muwaffaq Salti… pic.twitter.com/nr1aee4Ma9

— Mario Nawfal (@MarioNawfal) July 18, 2026

तेहरान ने दावा किया है कि उसके जवाबी हमलों में अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं. शुक्रवार को IRGC ने कहा कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी फ़ाइटर जेट्स और हवा में ईंधन भरने वाले विमानों के साथ-साथ कुवैत में अमेरिकी फ़ोर्स और HIMARS लॉन्चर को निशाना बनाया, जिससे "काफ़ी संख्या में सैनिक हताहत हुए और नुकसान पहुंचा." 

इस बीच जॉर्डन की सेना ने शनिवार को बताया कि उसने ईरान की 10 मिसाइलों को मार गिराया है और इसमें कोई हताहत नहीं हुआ या कोई नुकसान नहीं पहुंचा. सेना ने एक बयान में कहा, "एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की 10 मिसाइलों को रोका जो जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में घुस आई थीं और देश के इलाके को निशाना बना रही थीं; इन्हें रोककर मार गिराया गया."

ईरान के 46 लोग ताजा हमले में मरे

ईरान के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 46 लोग मारे गए हैं और 400 से ज़्यादा घायल हुए हैं; इनमें शुक्रवार को एक पुल पर हुए हमले में मारे गए आठ लोग भी शामिल हैं. 

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वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने माना कि सोमवार से अब तक 13 और अमेरिकी सैनिक जिनमें 10 आर्मी के जवान और तीन नेवी के नाविक हैं, घायल हुए हैं, लेकिन उन्होंने इसके बारे में और कोई जानकारी नहीं दी. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 14 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 427 घायल हुए हैं. 

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