ईरान में जब शुरू होगी जंग तो कब तक चलेगी? अमेरिकी सेना की क्या है तैयारी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है. अमेरिकी सेना हफ्तों तक चलने वाले संभावित सैन्य अभियान की तैयारी में जुटी बताई जा रही है, जबकि बातचीत की कोशिश भी जारी है. युद्धपोतों की तैनाती और कूटनीतिक कोशिशों के बीच सवाल उठ रहा है कि टकराव हुआ तो इसका असर क्या होगा.

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अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते पर बातचीत भी चल रही है. (Photo- ITG) अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते पर बातचीत भी चल रही है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:37 AM IST

ईरान में जंग कब शुरू होगी और कितने समय चलेगी, इसे लेकर अटकलें तेज हैं. दो अमेरिकी अधिकारियों ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में बताया कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमले का आदेश देते हैं, तो अमेरिकी सेना हफ्तों तक चलने वाले सैन्य अभियान की तैयारी कर रही है. यह संघर्ष पहले देखे गए तनाव से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता है.

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न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों की इस जानकारी से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत की अहमियत और बढ़ गई है. अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मंगलवार को जिनेवा में ईरान से बातचीत करेंगे, जिसमें ओमान के प्रतिनिधि मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को चेतावनी दी कि ट्रंप समझौता चाहते हैं, लेकिन "यह करना बहुत मुश्किल है."

यह भी पढ़ें: 'ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे बेहतर...', ट्रंप ने दिया बयान और खोल दिए हमले के विकल्प

इसी बीच ट्रंप ने क्षेत्र में सैन्य ताकत बढ़ा दी है, जिससे संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है. अधिकारियों ने कहा कि पेंटागन मध्य पूर्व में एक और एयरक्राफ्ट कैरियर भेज रहा है, साथ ही हजारों अतिरिक्त सैनिक, लड़ाकू विमान, गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर और अन्य हथियार तैनात किए जा रहे हैं, जो हमले करने और उनसे बचाव दोनों में सक्षम हैं.

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ट्रंप ने दी ईरान में सत्ता परिवर्तन की धमकी

नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में शुक्रवार को सैन्य कार्यक्रम के बाद बोलते हुए ट्रंप ने ईरान की सरकार बदलने की संभावना का जिक्र किया और कहा, "ऐसा लगता है कि यही सबसे अच्छा हो सकता है." उन्होंने यह नहीं बताया कि उनकी जगह कौन ले, लेकिन कहा, "लोग मौजूद हैं."उन्होंने यह भी कहा, "47 साल से वे सिर्फ बात ही करते आ रहे हैं."

अमेरिका के लिए ईरान में ग्राउंड अटैक कितना मुश्किल?

ट्रंप लंबे समय से ईरान में ग्राउंड मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर संदेह जताते रहे हैं. अब तक मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैन्य संसाधन मुख्यतः हवाई और नौसैनिक हमलों के विकल्प दिखाते हैं. वेनेजुएला में ट्रंप ने विशेष बलों के इस्तेमाल की भी इच्छा दिखाई थी, जब पिछले महीने छापेमारी में वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की कोशिश की गई.

यह भी पढ़ें: ईरान में बाजार से मजार तक हमला, जलाए गए बैंक... आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट

ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में लेंगे फैसले!

रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित लंबे सैन्य अभियान की तैयारियों पर टिप्पणी के सवाल पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने कहा, "ईरान को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के सामने सभी विकल्प खुले हैं." उन्होंने कहा, "वे हर मुद्दे पर अलग-अलग राय सुनते हैं, लेकिन अंतिम फैसला हमारे देश और राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में लेते हैं." पेंटागन ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

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