पश्चिम एशिया में एक बार फिर से जंग भड़क उठी है. ईरान और अमेरिका के बीच गतिरोध बढ़ गया. इस बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिने जाने वाले होर्मुज में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है. हाल के दिनों में इस इलाके से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाजों को खतरे का सामना करना पड़ा है.
अब तक ज्यादातर घटनाएं ईरान के तट के पास होती थीं, लेकिन अब ओमान की तरफ वाले समुद्री हिस्से में भी जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें आई हैं. इससे यह सवाल उठ रहा है कि यह इलाका इतना अहम क्यों है और इसमें बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय क्यों बन जाता है.
होर्मुज एक बहुत संकरा समुद्री रास्ता है जो ईरान और ओमान के बीच से गुजरता है. मैप में देखें तो ऊपर की तरफ ईरान है और नीचे ओमान. यह रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से और आगे अरब सागर से जोड़ता है. इसी रास्ते से सऊदी अरब, इराक, कुवैत, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है. हर दिन करोड़ों बैरल तेल इसी छोटे से रास्ते से होकर गुजरता है, इसलिए इसे दुनिया के सबसे अहम और संवेदनशील समुद्री रास्तों में गिना जाता है.
हाल के दिनों में इस इलाके से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ा है. पहले ऐसी घटनाएं ज्यादातर ईरान के तट के पास होती थीं, लेकिन अब ओमान की तरफ वाले समुद्री हिस्से में भी जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं. इससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है और खतरे का दायरा पहले से बड़ा दिखाई दे रहा है.
अगर इस रास्ते पर किसी जहाज पर हमला होता है या समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा होता है, तो इसका असर सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहता. इससे दुनिया भर का व्यापार प्रभावित होता है, शिपिंग रूट बदलने पड़ते हैं, जहाजों का बीमा महंगा हो जाता है और तेल की कीमतें भी ऊपर जा सकती हैं. यही वजह है कि होर्मुज में होने वाली हर छोटी बड़ी घटना पर पूरी दुनिया की नजर रहती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह इलाका सिर्फ एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ मामला है. अगर यहां तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है.
फिलहाल हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह तनाव जल्द कम होगा. आम लोगों के लिए भी यह मुद्दा अहम है क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की चीजों के दाम पर पड़ता है. इसलिए इस इलाके में शांति बनी रहना पूरी दुनिया के हित में माना जा रहा है.
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