गाजा में सीजफायर लागू होने के बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. शनिवार को हुए इजरायली हवाई हमलों में दो बच्चों और अल जजीरा के एक कैमरामैन सहित करीब 6 लोगों की मौत हो गई. इन हमलों ने एक बार फिर सीजफायर के असर और गाजा में लगातार बिगड़ते मानवीय हालात पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, जान गंवाने वालों में दो बच्चे और अल जज़ीरा का एक कैमरामैन शामिल है. ये मौतें इजरायल और हमास के बीच अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बावजूद हुईं, क्योंकि गाजा में करीब रोजाना इजरायली हमले हो रहे हैं, जिनमें गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक एक हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.
गाजा के अस्पतालों के मुताबिक, अकेले शनिवार शाम को तीन इजरायली हमलों में चार लोगों की मौत हो गई और करीब एक दर्जन अन्य घायल हो गए. इजरायली सेना ने कहा कि वह एक घटना की जांच कर रही है और बाद में कहा कि अल जजीरा का कैमरामैन एक अटैक में मारा गया क्योंकि वह हमास की सैन्य शाखा का हिस्सा था और उस इलाके में सैनिकों के लिए खतरा पैदा कर रहा था.
'बिना चेतावनी हम पर गिरा रॉकेट...'
मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को पहला हमला स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 2 बजे गाजा शहर में एक अपार्टमेंट पर हुआ. घटनास्थल पर, एसोसिएटेड प्रेस के एक रिपोर्टर ने मलबे और खून से सने कंक्रीट के टुकड़े देखे. दो बहनों, चार साल की ज़िना और 14 साल की लाना, के शवों को शिफा अस्पताल के मुर्दाघर ले जाया गया, जहां वे सफ़ेद बैग में परिवार के सदस्यों के बीच रखे हुए थे.
जान गंवाने वालों के कज़िन मोहम्मद सफ़ादी के माथे पर चोट लगी थी. उन्होंने बताया, "मैं घर पर बैठा था. बिना किसी चेतावनी के रॉकेट हम पर आ गिरा." उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी भी घायल हो गईं. सफ़ादी ने कहा, "कब्ज़ा करने वाली सेना और बातचीत करने वाली टीम जिस सीज़फ़ायर की बात कर रही है, क्या वह सच में सीज़फ़ायर है? हम आम नागरिक हैं. मैंने कभी हथियार नहीं उठाया."
इजरायली सेना ने कहा कि वह इस घटना की जांच कर रही है.बाद में शनिवार को, बिना किसी चेतावनी के मध्य गाजा के बुरेइज रिफ्यूजी कैंप में एक घर पर हमला हुआ, जिसमें अल-अक्सा अस्पताल के मुताबिक तीन लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में अल-जज़ीरा के कैमरामैन अहमद विशाह भी शामिल थे. अल-जज़ीरा ने विशाह की मौत की पुष्टि की है. उनके भाई अल जजीरा के रिपोर्टर मोहम्मद अप्रैल में इज़रायली हमले में मारे गए थे.
एक और हमला साउथ गाज़ा के मुवासी टेंट कैंप में लोगों के एक समूह पर किया गया, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए. यह जानकारी नासिर अस्पताल से मिली, जहां घायलों को ले जाया गया था. शिफ़ा अस्पताल के मुताबिक, गाज़ा शहर में हुए तीसरे हमले में लोगों के एक समूह को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम चार अन्य लोग घायल हो गए.
यह भी पढ़ें: इजरायल ने गाजा में किया भीषण हमला, हमास के नए मिलिट्री चीफ की मौत
एक बयान में इजरायली सेना ने कहा कि विशा को एक हमले में मार गिराया गया. सेना का दावा है कि वह हमास की मिलिट्री विंग का हिस्सा था और उस इलाके में तैनात सैनिकों के लिए खतरा बना हुआ था. इजरायल का कहना है कि वह हमास और उन दूसरे उग्रवादियों को निशाना बना रहा है, जिनसे खतरा है. सीजफायर के बाद से अब तक पांच इजरायली सैनिक मारे जा चुके हैं.
यह जंग 7 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों ने दक्षिणी इजरायल पर हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गाजा में इजरायल की जवाबी सैन्य कार्रवाई में 73,018 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिनकी मौत सीजफायर के बाद हुई. हमास के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा रहे इस मंत्रालय में मेडिकल प्रोफेशनल काम करते हैं और यह विस्तृत रिकॉर्ड रखता है, जिसे आम तौर पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा विश्वसनीय माना जाता है. हालांकि, यह आम नागरिकों और उग्रवादियों के बीच फर्क नहीं करता है. मंत्रालय का कहना है कि मारे गए लोगों में से लगभग आधे महिलाएं और बच्चे हैं.
शनिवार को हुए हमलों में दो बच्चों और अल जज़ीरा के एक कैमरामैन की मौत हुई. इन हमलों और उनके नतीजों के बारे में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों और इजरायली सेना, दोनों ने जानकारी दी है. इन घटनाओं से साफ होता है कि सीजफायर के बावजूद गाजा में हिंसा जारी है.
(पीटीआई के इनपुट के साथ)
aajtak.in