Deepfake से अमेरिका भी परेशान, मशहूर सिंगर की वायरल तस्वीर के बाद कानून बनाने की उठी मांग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई मशहूर सिंगर टेलर स्विफ्ट की डीपफेक तस्वीर ने अमेरिकी नेताओं का ध्यान आकर्षित किया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर को लेकर कार्रवाई की जा रही है लेकिन साथ ही सख्त कानून बनाने की मांग उठी है. स्विफ्ट की फर्जी तस्वीर को 47 मिलियन लोगों ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर देखा था जिसे अब हटा दिया गया है.

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अमेरिका की मशहूर सिंगर टेलर स्विफ्ट अमेरिका की मशहूर सिंगर टेलर स्विफ्ट

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:43 PM IST

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सबसे बड़ा खतरा फिलहाल अगर कुछ है तो वो है डीपफेक वीडियो या तस्वीर. अमेरिका की मशहूर सिंगर टेलर स्विफ्ट तक की डीपफेक बन चुकी है और सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हुआ है. स्विफ्ट की फर्जी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जब वायरल हुई तो अमेरिकी नेताओं का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ. अब वे इसे बैन करने और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग के साथ कानून बनाने की अपील कर रहे हैं.

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अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेलर स्विफ्ट की तस्वीरें एक्स और टेलीग्राम समेत सोशल मीडिया साइट्स पर वायरल की गई थी. एक अमेरिकी सांसद ने स्विफ्ट की फर्जी तस्वीरों को "भयावह" बताया. अपने एक पोस्ट में सोशल मीडिया साइट एक्स ने भी स्पष्ट किया कि वे तस्वीर की पहचान कर उसे हटा रहा है और उन्हें शेयर करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ उचित कार्रवाई भी कर रहा है.

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सोशल मीडिया साइट एक्स ने हटाई डीपफेक तस्वीर

एक्स ने अपने पोस्ट में कहा कि मामले की बारीकी से निगरानी की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी अन्य उल्लंघन पर एक्शन लिया जाए और कंटेंट को हटा दिया जाए. टेलर स्विफ्ट की फर्जी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर खूब वायरल किया गया है. मसलन, एक तस्वीर को बताया जा रहा है कि 47 मिलियन लोगों ने तस्वीर को देखा और कई ने शेयर भी किया.

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2019 से डीपफेक के मामले 550 फीसदी बढ़े

डीपफेक किसी के चेहरे या शरीर से छेड़छाड़ करके फर्जी वीडियो या तस्वीरें बनाई जाती है. खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है. 2023 में एक रिसर्च में पाया गया कि एआई की वजह से 2019 के बाद डीपफेक के मामले 550 फीसदी बढ़े हैं. मौजूदा समय में अमेरिका में एआई की मदद से की गई इस छेड़छाड़ के लिए कोई कानून नहीं है.

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महिलाएं 99 फीसदी होती हैं डीपफेक का शिकार

जो बाइडेन की पार्टी के एक सांसद ने पिछले साल प्रीवेंटिंग डीपफेक्स ऑफ इंटिमेट इमेज एक्ट का प्रस्ताव दिया था, जिसपर उन्होंने अब तत्काल एक्शन की अपील की है. पिछले साल आई स्टेट ऑफ डीपफेक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन शेयर किए गए अधिकांश डीपफेक में पोर्नोग्राफी शामिल हैं और इस तरह के केस में 99 फीसदी महिलाएं टारगेट होती हैं. टेलर स्विफ्ट की तस्वीर वायरल होने के बाद अब अमेरिकी - रिपब्लिकन और डेमेक्रेटिक दोनों ही दलों के सांसदों ने इसपर तत्काल एक्शन की मांग की है.

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