कंपनियों से डिलीट करवा सकेंगे अपना डाटा? इस देश में नया प्राइवेसी बिल

इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेज़ी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ लोगों की निजी जानकारी का दायरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए कनाडा सरकार ने एक नया प्राइवेसी बिल पेश किया है, जिसका मकसद नागरिकों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा को मजबूत करना है.

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डेटा डिलीट से लेकर भारी जुर्माने तक का प्रावधान डेटा डिलीट से लेकर भारी जुर्माने तक का प्रावधान

हुमरा असद

  • टोरंटो,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:02 AM IST

कनाडा के AI मंत्री इवान सोलोमन सरकार के प्रस्तावित ‘डिजिटल सेफ्टी कमीशन’ का दायरा बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, ताकि AI के दौर में डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के मामलों में प्राइवेट सेक्टर पर नजर रखी जा सके. सोलोमन ने सोमवार को बिल C-36 पेश किया है. यह बिल पिछली लिबरल सरकार की कोशिशों के कुछ हिस्सों को फिर से लागू करता है, जिनका मकसद कनाडा के प्राइवेसी कानूनों को आधुनिक बनाना है. इसमें प्राइवेसी के अधिकार को भी शामिल किया गया है.

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इस बिल के तहत लोगों को यह अधिकार मिलेगा कि वे कंपनियों से अपना पर्सनल डेटा हटाने की मांग कर सकें. बच्चों के डेटा को अतिरिक्त सुरक्षा दी जाएगी और कंपनियों को यह साफ बताना होगा कि वे AI का इस्तेमाल कैसे कर रही हैं.

सरकार ने इस कानून को AI रणनीति का हिस्सा बताया है, लेकिन इसके नियम पूरे प्राइवेट सेक्टर पर लागू होंगे, जिसमें कनाडा में काम करने वाली विदेशी कंपनियां भी शामिल होंगी.

सरकार का नया ‘डिजिटल सेफ्टी कमीशन’ यह सुनिश्चित करेगा कि कंपनियां नए नियमों का पालन करें. अगर कोई कंपनी नियम तोड़ती है तो उस पर बड़ा जुर्माना लगाया जा सकता है.

  • 10 मिलियन डॉलर या कंपनी की कमाई का 3% (जो भी ज्यादा हो)
  • गंभीर मामलों में 25 मिलियन डॉलर या 5% तक

अगर बिल पास होता है, तो नए नियम धीरे-धीरे लागू किए जाएंगे और पूरा सिस्टम बनने में करीब 18 महीने लग सकते हैं.

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ज्यादा अधिकार

प्राइवेसी कमिश्नर फिलिप डुफ्रेसने लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि उन्हें नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर सीधे जुर्माना लगाने की शक्ति मिले. अभी उनके पास सिर्फ जांच करने और मामला कोर्ट में भेजने का अधिकार है, जो काफी लंबा और महंगा प्रोसेस है.

नए सिस्टम में प्राइवेट सेक्टर की जांच नया कमीशन करेगा. इसके साथ एक नया ‘प्राइवेसी और कंज्यूमर डेटा कमिश्नर’ भी बनाया जाएगा जो इन मामलों पर काम करेगा.

बच्चों और सोशल मीडिया पर नियम

सोशल मीडिया कंपनियों से कहा जाएगा कि वे 16 साल से कम उम्र के बच्चों को प्लेटफॉर्म से दूर रखें, जब तक उन्हें खास अनुमति न मिले. इसके लिए कंपनियों को यूजर्स का संवेदनशील डेटा भी इकट्ठा करना पड़ सकता है.

पारदर्शिता जरूरी

कंपनियों को यह भी साफ बताना होगा कि वे AI का इस्तेमाल कैसे कर रही हैं, खासकर जब बात लोन, क्रेडिट स्कोर या बड़े फैसलों की हो. अगर कोई फैसला ऑटोमेटेड सिस्टम से लिया गया है तो यह भी बताना होगा कि किन चीजों के आधार पर वह फैसला हुआ.

डेटा हटाने के कुछ नियम

लोग अपना डेटा हटाने की मांग कर सकेंगे, लेकिन कुछ मामलों में कंपनी इसे रोक सकती है, जैसे धोखाधड़ी रोकने, कानूनी जरूरत या अगर डेटा रखना जरूरी हो.

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क्यों जरूरी है यह कानून

कनाडा का मौजूदा प्राइवेसी कानून 26 साल पुराना है. तब सोशल मीडिया और AI इतना बड़ा नहीं था. अब सरकार चाहती है कि नियम समय के हिसाब से अपडेट हों ताकि लोगों का डेटा ज्यादा सुरक्षित रहे और कंपनियों पर ज्यादा कंट्रोल हो.

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