ब्रिटेन ने पुतिन को दी बड़ी चोट! रूसी तेल टैंकर को कब्जा कर UK नेवी ले गई इंग्लैंड

ब्रिटेन ने रूस की 'शैडो फ्लीट' के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए एक प्रतिबंधित ऑयल टैंकर को इंग्लिश चैनल में रोक लिया है. प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने इसे यूक्रेन युद्ध को फंडिंग देने वाले नेटवर्क पर बड़ा प्रहार बताया.

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रूसी तेल टैंकर पर ब्रिटिश नेवी ने कब्जा कर लिया है. (Photo- सांकेतिक/Reuters) रूसी तेल टैंकर पर ब्रिटिश नेवी ने कब्जा कर लिया है. (Photo- सांकेतिक/Reuters)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

ब्रिटेन ने रूस की 'शैडो फ्लीट' के खिलाफ बड़ा सैन्य और सुरक्षा अभियान चलाते हुए एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को इंग्लिश चैनल में रोक लिया है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्रवाई रूस की युद्ध मशीन को आर्थिक झटका देने की दिशा में अहम है.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रविवार तड़के शुरू हुए करीब छह घंटे लंबे ऑपरेशन में ब्रिटिश सशस्त्र बलों, रॉयल मरीन कमांडो और नेशनल क्राइम एजेंसी के विशेष अधिकारियों ने टैंकर स्मिर्टोस (Smyrtos) पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में लिया. इस अभियान में ब्रिटिश वायुसेना (RAF) ने भी अहम भूमिका निभाई.

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रक्षा मंत्रालय ने बताया कि टैंकर को फिलहाल इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास निगरानी में रखा गया है, जबकि मामले की जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जहाज की गतिविधियों और उसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.

पुतिन को चोट पहुंचाने के लिए कार्रवाई

प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि यह सफल अभियान रूस के लिए एक और बड़ा झटका है. उन्होंने कहा कि जो लोग यूक्रेन में युद्ध जारी रखने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कोशिशों को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं, उन्हें यह संदेश मिल जाना चाहिए कि ब्रिटेन उन्हें छिपने नहीं देगा. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री डेन जार्विस ने भी कहा कि रूस अपनी शैडो फ्लीट के जरिए यूक्रेन युद्ध के लिए धन जुटाता है और यह कार्रवाई सीधे तौर पर पुतिन के युद्ध प्रयासों पर चोट है.

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क्या है रूस का शैडो फ्लीट?

दरअसल, रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद मॉस्को ने सैकड़ों तेल टैंकरों का एक नेटवर्क तैयार किया है, जिसे "शैडो फ्लीट" कहा जाता है. इन जहाजों की मालिकाना संरचना अक्सर अस्पष्ट होती है और इनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते हुए रूसी तेल की बिक्री के लिए किया जाता है.

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रूस के प्रतिबंधित तेल का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा इसी शैडो फ्लीट के जरिए दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाया जाता है. इस नेटवर्क में 700 से ज्यादा जहाज शामिल बताए जाते हैं, जो क्रेमलिन के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बने हुए हैं.

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ब्रिटेन ने 500 से ज्यादा जहाजों पर लगाया बैन

ब्रिटेन अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 500 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है. इन प्रतिबंधों के तहत ऐसे जहाज ब्रिटिश बंदरगाहों में प्रवेश नहीं कर सकते. साथ ही ब्रिटिश कंपनियों और नागरिकों को इन जहाजों के लिए वित्तीय, बीमा या ब्रोकरेज सेवाएं देने से भी रोका गया है.

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह पूरा ऑपरेशन फ्रांस के साथ करीबी कोऑर्डिनेशन में चलाया गया. हाल के महीनों में ब्रिटेन और फ्रांस रूस की शैडो फ्लीट पर दबाव बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. ब्रिटिश सरकार का कहना है कि उसका मकसद रूस की तेल आय को कम करना और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली फंडिंग को रोकना है.

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