ब्रिटेन ने 23 रूसी राजनयिकों को किया निष्कासित, रूस ने कहा- करेंगे जवाबी कार्रवाई

रूसी विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि ब्रिटिश सरकार ने टकराव का विकल्प चुना. उन्होंने कहा कि हमारी प्रतिक्रिया धीमी नहीं होगी. आपको बता दें कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने एक पूर्व रूसी राजनयिक और उसकी बेटी पर नर्व एजेंट नामक रसायन के जरिए हमला करने के मामले में रूस को जिम्मेदार करार दिया था. उसके 23 राजनयिकों को ब्रिटने से बाहर करने फैसला किया.

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टेरेसा मे टेरेसा मे

अंकुर कुमार

  • मॉस्को ,
  • 15 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 12:17 AM IST

ब्रिटेन द्वारा 23 रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने के फैसले से ब्रिटेन और रूस के बीच टकराव बढ़ रहा है. मॉस्को ने एक पूर्व जासूस को जहर देने के मामले में ब्रिटेन द्वारा 23 रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने पर कहा कि यह लंदन का रूस के साथ टकराव का विकल्प चुनने का संकेत है. रूस ने कहा कि शीघ्र जवाबी कार्रवाई की जाएगी.

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मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि ब्रिटिश सरकार ने टकराव का विकल्प चुना. उन्होंने कहा कि हमारी प्रतिक्रिया धीमी नहीं होगी. आपको बता दें कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने एक पूर्व रूसी राजनयिक और उसकी बेटी पर नर्व एजेंट नामक रसायन के जरिए हमला करने के मामले में रूस को जिम्मेदार करार दिया था. उसके 23 राजनयिकों को ब्रिटने से बाहर करने फैसला किया.

आपको बता दें कि शीतयुद्ध के समय भी दोनों देशों ने कई को निष्कासित किया था. जासूसी के आरोप में उस दौरान ब्रिटेन पहले सोवियत यूनियन के 25 राजनयिकों को देश से निकाल दिया था. इसके बाद ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि दोनों देशों ने एक दूसरे के लगभग 31  राजनयिकों को देश से बाहर निकाला.

उन्होंने मॉस्को के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय संपर्क भी निलंबित कर दिया. पूर्व रूसी जासूस सर्गई स्क्रेपल(66) और उनकी बेटी यूलिया(33) पिछले सप्ताह जहर दिए जाने के बाद बेहोश हो गए थे. दोनों की हालत गंभीर है. रूस ने इस पूर्व जासूस और उनकी बेटी की हत्या के प्रयास में अपनी संलिप्तता से इंकार किया है.

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टेरेसा मे ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा कि सर्गई स्क्रेपल और उनकी बेटी की‘ हत्या के प्रयास’ के लिए रूसी सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन रूस के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय संपर्क निलंबित करेगा.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन 23 रूसी राजनयिकों को निष्कासित करेगा. ब्रिटेन छोड़ने के लिए इन राजनयिकों के पास एक सप्ताह का समय होगा. उन्होंने इन राजनयिकों को‘ अघोषित खुफिया अधिकारी’ करार दिया है.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘ पिछले30 वर्षों से अधिक की अवधि में यह एकसाथ हुआ सर्वाधिक लोगों का निष्कासन है और यह इस तथ्य को रेखांकित करता है कि यह पहली बार नहीं है जब रूसी सरकार ने हमारे देश के खिलाफ काम किया. इन निष्कासनों के जरिए हम ब्रिटेन में आने वाले वर्षों में रूसी खुफिया क्षमता को बुनियादी तौर पर कमजोर कर देंगे.’’

वहीं नाटो के सभी 29 देशों ने रूस से कहा कि वह पूर्व जासूस को जहर देने के मामले में ब्रिटेन का सवालों का जवाब दे. नाटो के सदस्य देशों ने साझा बयान में कहा कि सर्गई स्क्रेपल और उनकी बेटी यूलिया के खिलाफ हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों और समझौतों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है. जिनिवा में ब्रिटेन के राजदूत जूलियन ब्रेथवेट ने भी पूर्व रूसी जासूस पर हमले के मामले को लेकर रूस की आलोचना की अरैर कहा कि रूस के भीतर मानवाधिकार की स्थिति बहुत खराब है.

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