बांग्लादेश की राजनीति में अंदरखाने उथल पुथल मची हुई है. बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन की ओर से शेख हसीना से संपर्क स्थापित करने की कथित कोशिशों की रिपोर्ट्स ने ढाका में हलचल मचा दी है. ताजा जानकारी यह है कि इस घटनाक्रम से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी बहुत नाराज है. BNP की ओर से राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को इ्स्तीफा देने को कह दिया गया है.
सूत्र बताते हैं कि मोहम्मद शहाबुद्दीन अपना कार्यकाल समाप्त होने से 2 साल पहले इस्तीफा दे सकते हैं.
राष्ट्रपति के पद पर शहाबुद्दीन की नियुक्ति पू्र्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में हुई थी. बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद हुए सत्ता परिवर्तन के बाद मोहम्मद शहाबुद्दीन एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो अभी भी अपने संवैधानिक पद पर बने हुए हैं. जुलाई-अगस्त 2026 में हुए इस आंदोलन के बाद
शेख हसीना को 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़कर भारत आना पड़ा था. वे तब से भारत में ही रह रही हैं. लेकिन हाल ही में उन्होंने दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया है.
राष्ट्रपति और शेख हसीना के बीच फोन कॉल?
बांग्लादेश में इन दिनों जिस राष्ट्रपति शेख हसीना के बीच कथित फोन कॉल की चर्चा हो रही है, वह अभी तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है. यह मामला राजनीतिक हलकों और कुछ मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सामने आया है. बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने हाल में अपने लंदन दौरे के दौरान निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी. शेख हसीना अभी भारत में हैं और उन्होंने कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश लौटने की घोषणा की थी.
यह दावा सबसे पहले कुछ बांग्लादेशी सोशल मीडिया पेज और राजनीतिक सूत्रों के हवाले से सामने आया.
दावा है कि इस कथित बातचीत के बाद BNP सरकार के भीतर राष्ट्रपति की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे. इसके बाद उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गईं.
1971 के मुक्ति संग्राम के योद्धा और लोअर ज्यूडिशियरी के पूर्व जज शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में पांच साल के कार्यकाल के लिए शपथ ली थी.
बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो ने एक रिपोर्ट में बताया कि प्रेसिडेंट मोहम्मद शहाबुद्दीन जल्द ही बीमारी का कारण बताकर इस्तीफ़ा दे सकते हैं.
हालांकि राष्ट्रपति भवन की ओर से इस बातचीत की पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है.
सरकार को जानकारी नहीं
द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के गृह मंत्री शलाहुद्दीन अहमद से जब इस फोन कॉल पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने न तो इनकार किया और न ही स्वीकार किया. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मैं नहीं जानता हूं.
हालांकि उन्होंने सचिवालय में पत्रकारों से कहा, "अगर माननीय राष्ट्रपति स्वास्थ्य कारणों या किसी अन्य वजह से इस्तीफ़ा देना चाहते हैं, तो संविधान के तहत उनके पास यह विकल्प मौजूद है. लेकिन हमें इस बारे में जानकारी नहीं है." उन्होंने कहा कि अगर ऐसे किसी घटनाक्रम के बारे में पता चलता है तो सूचित किया जाएगा.
सरकार और सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के सूत्रों के मुताबिक BNP के हाईकमान की तरफ़ से प्रेसिडेंट मोहम्मद शहाबुद्दीन को पहले ही एक मैसेज भेजा जा चुका है.
प्रथम आलो के अनुसार बुधवार रात सत्ताधारी पार्टी की ओर से ये संदेश उन तक पहुंचाया गया. इस सूत्र ने पुष्टि की कि इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि राष्ट्रपति जल्द ही इस्तीफा दे देंगे.
अगले राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर बीएनपी के आलाकमान के भीतर भी चर्चा चल रही है.
BNP के एक सीनियर नेता ने 'द डेली स्टार' को बताया कि शहाबुद्दीन और हसीना के बीच हाल ही में हुई टेलीफ़ोन पर बातचीत उनके संभावित इस्तीफे की एकमात्र वजह नहीं थी, बल्कि मामला "कहीं ज़्यादा पेचीदा" था, क्योंकि हसीना के घर लौटने के ऐलान के बाद बांग्लादेश के राजनीतिक हालात और भी संवेदनशील हो गए हैं.
बांग्लादेश के संविधान के अनुसार अगर राष्ट्रपति इस्तीफा देते हैं तो संसद के स्पीकर हाफिजुद्दीन अहमद तब तक अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभालेंगे जब तक देश का नया प्रमुख नहीं चुना जाता.
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