बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान अपने पहले आधिकारिक विदेश दौरे के लिए चीन की जगह मलेशिया जा सकते हैं. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ढाका फिलहाल इस यात्रा की तारीखों पर विचार कर रहा है और 21-22 जून के दौरान मलेशिया दौरे की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है.
'टाइम्स ऑफ इंडिया' की मानें तो प्रधानमंत्री तारिक रहमान के कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है और 18 जून की तारीख पर भी चर्चा चल रही है. इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि वह 20 से 26 जून के बीच चीन का दौरा करेंगे. हालांकि अब संकेत मिल रहे हैं कि बीजिंग से पहले कुआलालंपुर उनकी पहली विदेश यात्रा का डेस्टिनेशन बन सकता है.
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इस फैसले को बांग्लादेश की संतुलित कूटनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि अगर तारिक रहमान अपने पहले दौरे के लिए चीन चुनते हैं तो इसे बीजिंग की ओर झुकाव के रूप में देखा जा सकता है, जबकि भारत की तरफ से भी उन्हें आधिकारिक निमंत्रण मिला हुआ है. ऐसे में मलेशिया का चयन दोनों क्षेत्रीय शक्तियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश माना जा रहा है.
मलेशियाई पीएम ने तारिक रहमान को दिया था निमंत्रण
अप्रैल में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने तारिक रहमान को मलेशिया आने का निमंत्रण दिया था. मलेशिया ने बांग्लादेश के साथ व्यापार, निवेश, श्रम, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई थी.
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भारत-बांग्लादेश में संबंध सुधारने के संकेत
जानकारों का कहना है कि यदि मलेशिया वास्तव में तारिक रहमान की पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा बनता है तो इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों में भी कुछ सकारात्मक संकेत जा सकते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कुछ तनाव देखने को मिला था.
बांग्लादेशी अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष दोनों देशों के बीच पांच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए हैं. इसके अलावा, शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम पहले विदेशी नेता थे जिन्होंने बांग्लादेश का दौरा किया था. उस यात्रा को ढाका के राजनीतिक बदलाव के दौर में महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा गया था.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क