बांग्लादेश ने एक बार फिर से भारत को लेकर गलतबयानी की है. बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने वहां की संसद में भारत के खिलाफ खूब जहर उगला है. उन्होंने कहा है कि सीमा पर भारत के BSF की कार्रवाई के कारण कथित तौर पर लोगों की जान गई और यह "मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन" है.
अहमद ने आगे कहा कि यह मुद्दा बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने दिल्ली में BSF के साथ हाल ही में हुई डायरेक्टर जनरल-लेवल की बातचीत के दौरान उठाया था.
उन्होंने संसद में कहा, "BSF द्वारा निर्दोष बांग्लादेशी नागरिकों की हत्या बेहद अफ़सोसनाक है और यह मानवाधिकारों का साफ़ उल्लंघन है." उन्होंने यह भी कहा कि ढाका ने बॉर्डर पर BSF द्वारा घातक हथियारों के इस्तेमाल का लगातार विरोध किया है.
भारत और बांग्लादेश ने 11 जून को नई दिल्ली में डायरेक्टर जनरल स्तर की चार दिन की बॉर्डर वार्ता पूरी की. इसमें बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा BSF जवानों और भारतीय नागरिकों पर हमले और बांग्लादेशियों द्वारा बॉर्डर की बाड़ तोड़ने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
भारत का लंबे समय से यह कहना रहा है कि BSF द्वारा बॉर्डर पर गोलीबारी आत्मरक्षा में की जाती है और यह तस्करी, अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी जैसे सीमा-पार अपराधों का नतीजा होती है.
'बांग्लादेशियों की हत्या जारी है'
भारत और बांग्लादेश के बीच 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा है. जिसमें से आधे से ज़्यादा हिस्सा पश्चिम बंगाल में पड़ता है.
अहमद ने गलतबयानी करते हुए बुधवार को कहा कि बांग्लादेश ने द्विपक्षीय बैठकों में बार-बार BSF की ओर से आत्मरक्षा के नाम पर जानलेवा हथियारों के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई है और ऐसी घटनाओं के लिए मुआवज़े और जवाबदेही की मांग पर ज़ोर दिया है.
उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों की करतूतों पर पर्दा डालते हुए कहा कि BSF की ओर से बार-बार यह भरोसा दिलाए जाने के बावजूद कि वे जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे और सीमा पर हालात संभालने के लिए गैर-जानलेवा तरीकों का इस्तेमाल करेंगे, बांग्लादेशियों की हत्या की घटनाएं जारी हैं.
बांग्लादेश की संसद में पुश-इन की चर्चा
बांग्लादेश के गृह मंत्री ने सीमाओं पर भारत के मौजूदा "पुश-इन" अभियान की भी आलोचना की और कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद से BGB ने BSF की 36 "पुश-इन" कोशिशों को रोका है.
उन्होंने बताया कि 5 अगस्त, 2024 से BSF द्वारा बांग्लादेश में धकेले गए 2,369 लोगों में से कुल 2,175 लोगों को संबंधित पुलिस स्टेशनों को सौंपा गया, 11 लोगों को वापस BSF को सौंप दिया गया और 183 लोगों को वापस भेज दिया गया.
लेकिन बांग्लादेश के गृह मंत्री ने यह नहीं कहा कि उनकी सरकार अवैध रूप से भारत आने वाले लोगों को रोकने के लिए क्या कर रही है.
बांग्लादेश के गृह मंत्री का यह बयान तब आया है जब बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर को बुलाकर दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री के एक सलाहकार से जुड़ी घटना पर अपनी "गहरी निराशा" जाहिर की थी.
बांग्लादेश ने कहा कि प्रधानमंत्री के रणनीति और सूचना सलाहकार ज़ाहिद उर रहमान को नई दिल्ली एयरपोर्ट पर रोका गया, जहां वे एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने गए थे. उनसे दो घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की गई और "हालांकि भारतीय अधिकारियों ने बाद में उन्हें अपनी यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी थी, लेकिन वे भारत नहीं आए.
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