बांग्लादेश में 2024 के बड़े आंदोलन के बाद पहली बार 12 फरवरी को राष्ट्रीय चुनाव हुए. इसे देश की राजनीति के लिए एक बड़ा पल माना जा रहा है. यह चुनाव अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस की देखरेख में कराया गया. लोगों ने दो मामलों पर वोट डाला - एक नई संसद चुनने के लिए और दूसरा संविधान में प्रस्तावित बदलावों (जुलाई चार्टर) पर राय देने के लिए.
BNP नेता तारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और वे अपनी दोनों सीटें (ढाका-17 और बोगुरा-6) जीत चुके हैं. दूसरी ओर अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिली और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो देश से बाहर हैं, उन्होंने इस चुनाव को पूरी तरह दिखावा बताया. कुल 299 सीटों के फाइनल नतीजे आज शुक्रवार को आने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि इससे देश की आगे की राजनीतिक दिशा तय होगी.
बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के अमीर मौलाना ममनुल हक ने Dhaka-13 सीट पर मतगणना प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बैलेट पेपर की खराब डिजाइन के कारण उनके पक्ष में पड़े हजारों वोट रद्द कर दिए गए. ममनुल हक, जो Jamaat-e-Islami के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन समर्थित उम्मीदवार हैं, गुरुवार देर रात करीब 3 बजे इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत ढाका-13 के रिटर्निंग अधिकारी को बांग्लादेश चुनाव आयोग मुख्यालय, अगारगांव में सौंपी गई. उन्होंने मामले की जांच और स्पष्ट स्पष्टीकरण की मांग की है.
बांग्लादेश के संसदीय चुनाव के बीच नतीजों में छेड़छाड़ के आरोप सामने आए हैं. NCP के इलेक्शन स्टीयरिंग कमेटी चेयरमैन आसिफ महमूद सजीब भुइयां ने आधी रात को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि कुछ सीटों पर परिणामों में गड़बड़ी की कोशिश हो रही है. जमुना टीवी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जहां 11 दलों के गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में थे, वहां स्पष्ट अनियमितताएं देखी गईं.
उदाहरण के तौर पर उन्होंने ढाका-13 का जिक्र किया और बताया कि ढाका-15 में एक समय 20-22 हजार वोटों का अंतर था, लेकिन अचानक विरोधी उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया गया. ढाका-16 और 17 सीटों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए. उन्होंने मांग की कि इन आरोपों की साफ जांच और स्पष्टीकरण से पहले संबंधित सीटों के नतीजे घोषित न किए जाएं.
बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. चुनावी नतीजों के रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि BNP की बढ़त के साथ तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं. इससे लंबे समय से प्रभाव में रही अवामी लीग का दौर कमजोर पड़ता दिख रहा है. करीब 17 साल के निर्वासन के बाद रहमान की वापसी अब सत्ता तक पहुंचने की कहानी बनती नजर आ रही है.
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बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के तहत 55 निर्वाचन क्षेत्रों के अनौपचारिक नतीजे सामने आए हैं, जिनमें BNP बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है. जारी आंकड़ों के अनुसार, BNP उम्मीदवारों ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं जमात गठबंधन को 9 सीटें मिली हैं, जबकि NCP को 1 सीट हासिल हुई है. इन शुरुआती नतीजों से साफ है कि कई क्षेत्रों में BNP का दबदबा बना हुआ है और पार्टी बढ़त की स्थिति में दिखाई दे रही है.
बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में 299 में से 189 सीटों के अनौपचारिक नतीजे जारी हो गए हैं. गुरुवार रात वोटों की गिनती के बाद सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके सहयोगी दलों ने 151 सीटों पर जीत दर्ज की है.
वहीं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 35 सीटें मिली हैं. अन्य पार्टियों और उम्मीदवारों ने 5 सीटों पर जीत हासिल की है. इन शुरुआती नतीजों से साफ है कि BNP गठबंधन मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है. हालांकि, ये आंकड़े अभी अनौपचारिक हैं और बाकी सीटों के परिणाम आने के बाद तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी.
बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव के बाद जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान ने कहा कि राजनीति किसी गारंटी के साथ नहीं की जानी चाहिए. गुरुवार रात पोस्ट-इलेक्शन ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पुरानी राजनीतिक संस्कृति में लौटना नहीं चाहती. उनका जोर सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति पर रहा. उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए टकराव के बजाय बेहतर माहौल में राजनीति जरूरी है.
बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में 25 सीटों के अनौपचारिक नतीजों में BNP उम्मीदवारों ने ज्यादातर सीटों पर जीत दर्ज की है. इसी में बोगुरा-6 सीट से BNP प्रमुख तारिक रहमान को 2,16,284 वोट मिलते हुए अनौपचारिक विजेता घोषित किया गया है. शुरुआती रुझान बताते हैं कि BNP गठबंधन चुनाव में मजबूत स्थिति में है और कई क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है.
बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने कहा है कि चुनाव आयोग ने पूरी पारदर्शिता के साथ मतदान कराया है और छिपाने जैसा कुछ नहीं है. गुरुवार रात ढाका के अगरगांव स्थित चुनाव आयोग कार्यालय में अनौपचारिक नतीजों की घोषणा के दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि लोग और मीडिया खुद सब देख सकते हैं. आयोग चाहता है कि सभी को भरोसा हो कि चुनाव निष्पक्ष और खुली प्रक्रिया से कराया गया है.
बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में BNP अध्यक्ष और पीएम पद के दावेदार तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 सीटों से अनौपचारिक जीत दर्ज कर ली है. 17 साल बाद देश लौटने के बाद यह जीत उनके लिए अहम मानी जा रही है. आम चुनाव में मुख्य मुकाबला BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच है. देर रात तक मतगणना जारी रही, जबकि शुरुआती रुझानों में BNP बढ़त बनाए हुए दिख रही है.
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बांग्लादेश चुनाव के बीच BNP ने सरकार बनाने को लेकर भरोसा जताया है. पार्टी के सेंट्रल इलेक्शन स्टियरिंग कमेटी के प्रवक्ता महदी अमीन ने गुरुवार रात 11:45 बजे कहा कि अब तक की वोट गिनती और सीटों की जानकारी के आधार पर पार्टी को दो-तिहाई से ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन से जीत को लेकर पार्टी काफी आश्वस्त है और सरकार बनाने की तैयारी में है.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश की 13वीं संसद चुनाव में BNP गठबंधन बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है. ताजा नतीजों में 129 सीटों में से BNP गठबंधन 96 सीटें जीत चुका है, जबकि जमात गठबंधन को 32 सीटें मिली हैं और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है. BNP प्रमुख तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों सीटों पर भारी अंतर से जीत दर्ज की है. शुरुआती रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि BNP गठबंधन संसद में मजबूत स्थिति बना सकता है. मसलन, अगर बीएनपी गठबंधन की जीत होती है तो तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं.