होर्मुज से शुरू लड़ाई, पूरा मिडिल ईस्ट फिर बना बदलापुर... ईरान ने अमेरिका को कहां-कहां दी चोट?

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैलता दिखाई दे रहा है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है. बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट, कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.

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बहरीन में US फिफ्थ फ्लीट पर हमले की तस्वीर. (Photo - ITG) बहरीन में US फिफ्थ फ्लीट पर हमले की तस्वीर. (Photo - ITG)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:23 AM IST

होर्मुज स्ट्रेट पर खींचतान के बीच खाड़ी में अमेरिका और ईरान में तनाव अब सीधे सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं. कम से कम चार बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन अमेरिकी ठिकानों की ओर दागे गए. इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और कई जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनी गईं.

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ताजा लड़ाई की शुरुआत होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने और उसके बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई से हुई. अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के जास्क, सीरिक और केश्म द्वीप के आसपास मौजूद रडार, एयर डिफेंस और निगरानी ठिकानों पर हमले किए थे. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू करने का ऐलान किया.

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बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर हमला

ईरान ने सबसे बड़ा हमला बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर करने का दावा किया है. आईआरजीसी के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 2:30 बजे ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया. ईरानी मीडिया ने दावा किया कि एक मिसाइल अमेरिकी सैन्य अड्डे पर सीधे जाकर गिरी.

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हमले के बाद बहरीन के गृह मंत्रालय द्वारा पूरे देश में सायरन बजने की जानकारी दी गई. आम लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक बहरीन में 16 से ज्यादा धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने अभी तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है.

कुवैत में अली अल सलेम एयरबेस बना निशाना

आईआरजीसी ने दावा किया कि कुवैत पर भी ड्रोग दागे गए हैं. इस हमले में अली अल सलेम एयरबेस को निशाना बनाया गया. यह अमेरिकी वायुसेना का एक महत्वपूर्ण ठिकाना माना जाता है. हमले के बाद कुवैती सेना ने बयान जारी कर कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हवाई लक्ष्यों को इंटरसेप्ट कर रहे हैं.

कुवैत में भी कई धमाकों की खबरें सामने आईं. सरकारी एजेंसियों ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा. ईरान का आरोप है कि कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों का इस्तेमाल उसके खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए किया जा रहा है.

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जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर निशाना

जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को मार गिराया, जो जॉर्डन के अल-अजराक इलाके की तरफ बढ़ रही थीं. सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया. हालांकि कार्रवाई के दौरान मिसाइलों के कुछ मलबे जॉर्डन की जमीन पर गिरे, लेकिन किसी के घायल होने या किसी तरह के भौतिक नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है.

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जॉर्डन ने कहा कि उसकी सेना देश की सुरक्षा और हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है. अमेरिकी और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के निशाने पर रहे. जॉर्डन लंबे समय से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों का अहम केंद्र रहा है.

आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सेना के 21 एयर और नेवल बेस को निशाना बनाया. संगठन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर और हमले किए तो जवाब और भी ज्यादा बड़ा होगा. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका को खाड़ी क्षेत्र छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि ईरान किसी भी खतरे का जवाब देगा.

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