डोमिनिकाः मेहुल चोकसी के शरीर पर टॉर्चर के निशान, वकील का दावा- एंटीगुआ से जबरन उठाया गया

डोमिनिका में पकड़े गए मेहुल चोकसी ने कोर्ट का रुख किया है. उसके वकीलों ने दावा किया है कि उसे एंटीगुआ से जबरन ले जाया गया है. वकील का ये भी दावा है कि मेहुल चोकसी के शरीर पर टॉर्चर के निशान भी हैं.

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बुधवार को डोमिनिका में पकड़ा गया है मेहुल चोकसी (फाइल फोटो) बुधवार को डोमिनिका में पकड़ा गया है मेहुल चोकसी (फाइल फोटो)

नलिनी शर्मा / अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2021,
  • अपडेटेड 9:39 AM IST
  • डोमिनिका में पकड़ाया है मेहुल चोकसी
  • डोमिनिका की कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
  • वकील विजय अग्रवाल ने की पुष्टि

डोमिनिका में पकड़े गए पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी ने अब कोर्ट का रुख किया है. उसके वकील ने वहां की कोर्ट में हीबियस कॉर्पस यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है. उसके वकील विजय अग्रवाल ने आजतक से याचिका दायर करने की पुष्टि की है. 

वकील ने डोमिनिका की कोर्ट में हीबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की है ताकि मेहुल चोकसी को कोर्ट में उपस्थित किया जा सके और उसे जरूरी कानूनी मदद दी जा सके. हीबियस कॉर्पस याचिका इसलिए दाखिल की जाती है ताकि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को कोर्ट या जज के सामने पेश किया जा सके.

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याचिका में मेहुल के वकील ने दावा किया है कि उसके शरीर पर 'टॉर्चर के निशान' भी हैं. वकील ने ये भी आरोप लगाया है कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ और बरबूडा से उसकी मर्जी के बिना 'जबरन' उठाया गया है.

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वकील विजय अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि "डोमिनिका में हमारे वकीलों को उनसे (मेहुल चोकसी) सिर्फ दो मिनट ही मिलने दिया गया. उन्होंने बताया है कि उन्हें एंटीगुआ के जॉली हार्बर से उन्हें जबरन उठाकर डोमिनिका लाया गया है."

क्या चोकसी को डोमिनिका से सीधे भारत लाया जा सकता है?

इस सवाल के जवाब में विजय अग्रवाल ने कहा कि "एंटीगुआ और बरबूडा की नागरिकता हासिल करते ही मेहुल चोकसी भारतीय नागरिक नहीं रह गए हैं. कानून के मुताबिक, उन्हें एंटीगुआ ही लाया जा सकता है."

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इसके अलावा डोमिनिका की सुप्रीम कोर्ट ने मेहुल चोकसी को किसी दूसरे देश भेजने पर तुरंत रोक लगा दी है. इस मामले में वहां की सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे सुनवाई होनी है. इसके बाद ही तय होगा कि मेहुल चोकसी को डोमिनिका से बाहर किसी दूसरे देश भेजा जाएगा या नहीं.

 

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