नंदीग्राम में होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है. कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार मिलन प्रधान को अदालत ने 3 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि 4 अक्टूबर को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है. इसका सीधा मतलब यह है कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रचार के अंतिम दिनों में जेल की सलाखों के पीछे रहेंगे और वे जनता के बीच जाकर अपने लिए वोट नहीं मांग पाएंगे. इस फैसले के बाद से ही बंगाल के सियासी हलकों में बहस छिड़ गई है. सवाल उठाए जा रहे हैं कि उनके खिलाफ पेंडिंग वारंट को ऐन चुनाव के वक्त ही क्यों लागू किया गया.