'हम ही असली तृणमूल कांग्रेस’, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बागी गुट ने EC में पेश किया दावा

तृणमूल कांग्रेस में जारी अंदरूनी संकट अब निर्वाचन आयोग तक पहुंच गया है. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने दावा किया है कि उनके पास पार्टी के दो-तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन है और वही असली टीएमसी का प्रतिनिधित्व करते हैं.

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ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने विधायकों के बहुमत का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग में खुद को असली टीएमसी बताया. (Photo: PTI) ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने विधायकों के बहुमत का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग में खुद को असली टीएमसी बताया. (Photo: PTI)

अनिर्बन सिन्हा रॉय

  • कोलकाता,
  • 23 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:01 PM IST

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नवगठित राष्ट्रीय समिति से जुड़े दस्तावेज जमा किए. बागी गुट ने दावा किया कि उनके पास तृणमूल कांग्रेस के विधायकों का बहुमत है और पार्टी के 80 में से दो तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन है. बागी गुट ने इस तर्क के आधार पर निर्वाचन आयोग के समक्ष खुद को असली तृणमूल कांग्रेस के तौर पर पेश किया है.

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ऋतब्रत बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सोमवार को आयोजित विशेष अधिवेशन और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दस्तावेज निर्वाचन आयोग में जमा किए गए हैं. उन्होंने कहा, 'हमने सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया है. दस्तावेज पहले ही दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग के मुख्यालय में जमा किए जा चुके हैं और आज उसकी प्रति कोलकाता के क्षेत्रीय कार्यालय में जमा की गई है. विशेष अधिवेशन और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद यह एक सामान्य प्रक्रिया है.'

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पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि अंतिम फैसला निर्वाचन आयोग करेगा. उन्होंने कहा, 'अगर दोनों पक्षों ने अलग-अलग सूचियां जमा की हैं तो चुनाव आयोग उनकी जांच करेगा और उचित निर्णय लेगा. प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी तरह का अनुमान लगाने का कोई मतलब नहीं है.' तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह 'जोड़ा फूल' को लेकर पूछे गए सवाल पर बागी गुट के नेताओं ने दावा किया कि वे ही मूल पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, इसलिए अलग से मान्यता मांगने का सवाल ही नहीं उठता.

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टीएमसी के बागी गुट के नेताओं ने सोशल मीडिया पर चल रही निलंबन और निष्कासन की खबरों को भी खारिज किया. उनका कहना था कि हाल के दिनों में पार्टी के भीतर कई घोषणाओं का बाद में इस्तीफों और बदलते समर्थन के कारण विरोधाभास सामने आया है. निर्वाचन आयोग के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे टीएमसी के बागी गुट के प्रतिनिधिमंडल में ऋतब्रत बनर्जी के अलावा अरूप रॉय, संदीपन साहा, जावेद खान और अखरुज्जमान शामिल थे. बता दें कि टीएमसी के 80 में से 64 विधायकों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत करके ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बनाया है और खुद को असली टीएमसी बता रहे हैं.

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