जिन्होंने सच्ची श्रद्धा से दान नहीं किया, राम मंदिर में उन्हीं का चढ़ावा हुआ चोरी, बोले- सतीश महाना 

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान से सियासत गरमा गई है. महाना ने कहा कि जिसे लगता है कि उसका दान चोरी हुआ, संभव है उसने सच्ची श्रद्धा से दान न दिया हो. इस पर कांग्रेस समेत विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को कटघरे में खड़ा करने के बजाय मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (File Photo ITG) विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (File Photo ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के बीच  उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक सतीश महाना ने कहा कि जिन लोगों को लगता है कि उनका दान चोरी हो गया, संभव है कि उन्होंने सच्ची श्रद्धा से दान न दिया हो. उनके इस बयान पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं.

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सतीश महाना ने राम मंदिर में दान के उपयोग को लेकर ट्रस्ट और मंदिर की व्यवस्थाओं पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि उनकी मान्यता है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया दान मंदिर के निर्माण और विकास कार्यों में लगाया गया है. उन्होंने कहा कि आज राम मंदिर का भव्य स्वरूप स्वयं इस बात का प्रमाण है कि दान का सदुपयोग हुआ है. सतीश महाना ने कहा कि मंदिर के निर्माण में देशभर के करोड़ों लोगों ने अपनी श्रद्धा से योगदान दिया है और उसका परिणाम आज सभी के सामने है. उन्होंने संकेत दिया कि मंदिर के विकास कार्यों को देखकर दान के उपयोग पर संदेह की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए.

हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष के इस बयान पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि इस तरह का बयान देकर श्रद्धालुओं को ही जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि यदि दान या चढ़ावे से जुड़ा कोई विवाद सामने आया है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, न कि सवाल उठाने वाले श्रद्धालुओं की नीयत पर टिप्पणी की जाए. विपक्ष का आरोप है कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़े मामले में जवाबदेही तय करने के बजाय लोगों को ही कटघरे में खड़ा किया जा रहा है. विपक्षी नेताओं का कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत है तो संबंधित एजेंसियों से पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. कांग्रेस ने यह भी कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. ऐसे में इस मुद्दे पर दिए जाने वाले सार्वजनिक बयानों में संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए. विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से अपने बयान पर पुनर्विचार करने और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की है.

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