सरेराह कत्ल, सुलगता संतकबीरनगर: गुटखा लेने निकले आनंद की नासिर ने क्यों काटी गर्दन? बुलडोजर और मुआवजे के ऐलान के बाद थमा बवंडर

Sant Kabir Nagar Murder Case: बभनी चौराहे पर गुटखा लेने गए दलित युवक आनंद की नासिर अली ने गला रेतकर हत्या कर दी. घटना के बाद भड़की हिंसा और परिजनों के हंगामे को देखते हुए प्रशासन ने 9 लाख रुपये मुआवजा, संविदा नौकरी, बच्चों को भत्ता और आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया.

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दलित युवक की हत्या के बाद सड़क पर बवाल (Photo- ITG) दलित युवक की हत्या के बाद सड़क पर बवाल (Photo- ITG)

आलमगीर

  • संतकबीरनगर ,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

यूपी के संतकबीरनगर में दलित युवक की गला रेतकर हत्या के बाद उपजे तनाव को प्रशासन ने शांत करा लिया है. आरोपी के घर बुलडोजर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को 9 लाख की आर्थिक सहायता, संविदा पर एक नौकरी और बच्चों के भरण-पोषण भत्ते के आश्वासन के बाद परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए हैं.

आपको बता दें कि बखिरा थाना क्षेत्र स्थित बभनी चौराहे पर देर शाम कोलकी चमरसन गांव के निवासी 26 वर्षीय दलित युवक आनंद कुमार की नासिर अली और उसके साथियों ने धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी. आनंद अपनी मोटरसाइकिल से बभनी चौराहे पर गुटखा लेने गया था, तभी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने पीछे से पकड़कर उसकी गर्दन पर हमला कर दिया. इस वारदात के बाद भड़की आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर और कई गुमटियों में आगजनी कर रास्ता जाम कर दिया. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली.

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छेड़खानी के विरोध में दी खौफनाक सजा

मृतक के भाई और चचेरी बहन के मुताबिक, बीती 6 जून को उनके परिवार में एक शादी समारोह था. उस दौरान मुख्य आरोपी नासिर अली अपने साथियों के साथ घर के सामने से गुजरते हुए परिवार की लड़कियों के साथ अश्लील इशारे और छेड़खानी कर रहा था. पीड़ित परिवार द्वारा इसका कड़ा विरोध करने पर नासिर के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई थी. इसी रंजिश का बदला लेने के लिए नासिर ने अपने साथियों के साथ मिलकर बभनी चौराहे पर आनंद की हत्या कर दी. इलाके में प्रेम-प्रसंग की भी चर्चा है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है.

मोर्चरी हाउस पर हंगामा, एनकाउंटर की मांग

आनंद की मौत की खबर मिलते ही बभनी चौराहे और कुसम्हा गांव में भारी तनाव फैल गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने बभनी-पिपरा बोरिंग मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया और जमकर तोड़फोड़ की. शुक्रवार सुबह से ही पीड़ित परिवार और सैकड़ों ग्रामीण मोर्चरी हाउस पर डटे हुए थे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और वे इस बात पर अड़े थे कि जब तक मुख्य आरोपी नासिर अली का एनकाउंटर नहीं किया जाता और उसके घर पर बुलडोजर नहीं चलाया जाता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.

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प्रशासन का कड़ा रुख, मुआवजे का बड़ा ऐलान

बिगड़ते हालात को देखते हुए डीआईजी संजीव त्यागी, डीएम आलोक कुमार और एसपी संदीप कुमार मीना भारी पुलिस बल के साथ मर्चरी हाउस पहुंचे. जिला प्रशासन ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पीड़ित परिवार की मांगों को स्वीकार किया. प्रशासन ने आधिकारिक घोषणा की कि मुख्य आरोपी नासिर अली के मकान पर बुलडोजर की सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 9 लाख रुपये की बड़ी आर्थिक मदद देने का फैसला लिया गया.

नौकरी और भत्ते के आश्वासन पर माने परिजन

अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी देने और मृतक आनंद के बच्चों को नियमित भरण-पोषण भत्ता दिलाने का भी लिखित आश्वासन दिया. प्रशासन के इस बड़े और कड़े फैसले के बाद मर्चरी हाउस पर चल रहा गतिरोध पूरी तरह समाप्त हो गया. इंसाफ के इस भरोसे के बाद रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण आखिरकार शव का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गए और वे पुलिस की मौजूदगी में शव लेकर रवाना हो गए.

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