उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को संभल में 550 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इसी के साथ वे संभल की ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान को विश्व पटल पर और धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के लिए बड़ी नींव रखने जा रहे हैं.
जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संभल में 300 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 52 किलोमीटर लंबे 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग का लोकार्पण करेंगे. वहीं पर्यटन विभाग और वंदन योजना से संभल के 68 तीर्थों में से 4 प्रमुख तीर्थों पर होने वाले विकास की सौगात भी CM योगी देंगे.
हालांकि 24 नवंबर 2024 की हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते साल 7 अगस्त 2025 को संभल जिले के दौरे पर आए थे तो मुख्यमंत्री योगी ने संभल के सभी तीर्थों का विकास उत्तर प्रदेश की सरकार के द्वारा कराए जाने का ऐलान किया था, लेकिन एक साल पूरा होने से पहले सीएम योगी जब दोबारा संभल दौरे पर आ रहे है तो इस बार 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के नवनिर्माण की सौगात देकर संभल की पौराणिक, सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने की तरफ बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं.
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24 नवंबर 2024 की हिंसा के बाद संभल के तीर्थ व कूपों की बदहाली और तीर्थ की जमीनों पर अवैध कब्जे सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 अगस्त 2025 को पहली बार संभल जिले की दौरे पर आए थे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल के तीर्थ की बदहाली को बयां करते हुए संभल के सभी 68 तीर्थ और 19 प्राचीन कूपों को उत्तर प्रदेश की सरकार के द्वारा विकसित कराए जाने के फैसले का ऐलान किया था.
धार्मिक स्थलों को विकसित कराए जाने के साथ ही संभल को 2027 की प्रयोगशाला माना जाने लगा था. लेकिन योगी के ऐलान के साथ ही संभल के तीर्थों को पुनर्जीवित करने के लिए तीर्थ पर जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया गया.
सीएम योगी आदित्यनाथ एक साल पूरा होने से पहले एक बार फिर संभल जिले के दौरे पर पहुंच रहे हैं. जहां योगी संभल जिले की 550 करोड़ रूपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इसमें 400 करोड़ रुपए से ज्यादा संभल के तीर्थों के धार्मिक और ऐतिहासिक गौरव को वापस लौटाने पर खर्च किए जा रहे है.
जहां संभल के प्राचीन 68 तीर्थों की होने वाली मासिक और वार्षिक 24 कोसीय परिक्रमा के मार्ग को योगी सरकार 300 करोड रुपए की लागत से बनाने जा रही है.
संभल का ये वही 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग है जिस पर हर वर्ष होने वाली वार्षिक परिक्रमा में लाखों श्रद्धालु संभल के सभी 68 तीर्थों की 52 किलोमीटर लंबी परिक्रमा करते हैं और श्रद्धालुओं को काफी मुश्किलों का सामना करते हुए कच्चे और कांटे भरी राहों से गुजरना पड़ता है.
इसी के साथ ऐलान के बाद संभल के तीर्थों पर पर्यटन विभाग और वंदन योजना से कराए जाने वाले विकास कार्यों की सौगात भी सीएम योगी देंगे, योगी की सौगात के साथ ही संभल के कई तीर्थों की कायाकल्प का काम शुरू हो जाएगा, वहीं कई तीर्थों का काम पहले ही हो चुका है.
ऐसे में संभल के तीर्थों का धार्मिक महत्व वापस लौटाकर संभल को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के लिए योगी का कितना फोकस संभल पर है इस बात का अंदाजा 550 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के होने वाले लोकार्पण और शिलान्यास से लगाया जा सकता है, जहां योगी केवल 400 करोड़ रुपए संभल के धार्मिक महत्व पर खर्च करने जा रहे है.
अभिनव माथुर